राज्य में निकाय चुनाव का एलान हो चुका है। यह चुनाव गैर दलीय आधार पर होने हैं। मगर इस चुनाव में राजनीतिक दलों के वर्चस्व और अप्रत्यक्ष दखल से इंकार नहीं किया जा सकता है। अगर इंडिया गठबंधन की बात करें तो इसमें शामिल तीन दल कांग्रेस, राजद व भाकपा माले मेयर एवं नगर पालिका अध्यक्ष में सर्वसम्मत प्रत्याशी के पक्ष में दिख रहे हैं। मगर झामुमो फिलहाल इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। इधर, भाजपा ने बैलेट पेपर से नगर निकाय चुनाव के फैसले को राज्य सरकार की सोची समझी साजिश बताया है। प्रदेश राजद के प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि पार्टी नगर निकाय चुनाव मजबूती से लड़ेगी। राजद महागठबंधन सरकार में शामिल है। अगर सभी सहयोगी दल समन्वय और सम्मान के साथ कुछ बात करेंगे, तो राजद को परहेज नहीं है। लेकिन पार्टी अपनी तैयारी मजबूती से कर रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि बैलेट पेपर से निकाय चुनाव की घोषणा कराने का अर्थ है कि राज्य सत्ता अपने पद के दुरूपयोग की तैयारी में जुट गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने दलीय आधार पर और ईवीएम से निकाय चुनाव कराने की मांग की थी। लेकिन बैलेट पेपर से चुनाव कराकर राज्य सरकार ने चुनाव को प्रभावित करने की साजिश रची है। आदित्य साहू ने कहा कि चुनाव में होने वाली संभावित गड़बड़ियों पर पार्टी कड़ी नजर रखेगी। झामुमो : दलीय शुचिता के दायरे में चुनाव होना चाहिए झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि नगर निकायों का चुनाव गैर दलीय हो रहा है। मगर दलीय शुचिता के दायरे में चुनाव होना चाहिए। गठबंधन के सर्वसम्मत प्रत्याशी या अकेले चुनाव लड़ने की जहां तक बात है तो वह तो तब होगा जब खिलाड़ी मैदान में आएं। फिलहाल झामुमो का प्रयास है है कि किसी भी सीट पर के एक से अधिक प्रत्याशी न हों। कांग्रेस : कल दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व की बैठक प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि 28 जनवरी को दिल्ली में कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ बैठक है। इस बैठक में निश्चित तौर पर निकाय चुनाव पर चर्चा होगी। बड़े पदों के लिए प्रत्याशी देने के पूर्व गठबंधन दलों के बीच बैठक होगी।


