नई दिल्ली में कांग्रेस की रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक नारों को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। इस मुद्दे पर धार से जुड़े पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा ने नारों को निंदनीय और अस्वीकार्य बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की है। कांग्रेस की रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए। इन नारों के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री पूरे देश के हैं, ऐसी भाषा स्वीकार्य नहीं: विक्रम वर्मा धार से पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं। उनके खिलाफ इस तरह की भाषा किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज में स्वीकार्य नहीं है। ‘कांग्रेस की नकारात्मक राजनीतिक सोच उजागर हुई’ विक्रम वर्मा ने आरोप लगाया कि इस तरह की नारेबाजी कांग्रेस की विकृत और नकारात्मक राजनीतिक मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार के बाद कांग्रेस जिस स्तर पर पहुंच गई है, वह चिंताजनक है। ‘विपक्ष में रहते हुए भी कभी ऐसी भाषा नहीं अपनाई’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने 50 वर्षों से अधिक के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने कभी इस स्तर की कटुता और निम्न भाषा का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने गंभीर नारों के बावजूद कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया या खंडन क्यों नहीं आया। कांग्रेस नेतृत्व से देश से माफी मांगने की मांग विक्रम वर्मा ने प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई अशोभनीय नारेबाजी की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में स्वस्थ, सकारात्मक और मर्यादित विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। विक्रम वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक भाषा और आचरण में सुधार नहीं किया, तो देश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से उसे बार-बार अस्वीकार करेगी। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की।


