कांग्रेस विधायक इंदिरा मीना ने भाजपा नेता से की मारपीट:शर्ट फाड़ी, कॉलर पकड़कर खींचा; एसडीएम से MLA बोलीं- तुमने भी दारू पी रखी है क्या ?

सवाईमाधोपुर के बौंली में अंबेडकर प्रतिमा पर नाम की पट्टिका लगाने को लेकर विवाद हो गया। बामनवास से कांग्रेस विधायक इंदिरा मीना ने बौंली भाजपा मंडल अध्यक्ष हनुमत दीक्षित से हाथापाई की। कॉलर पकड़कर खींचा और शर्ट फाड़ दी। धमकाते हुए बोलीं- बीजेपी है तो क्या गुंडाराज हो गया क्या ? जब एसडीएम ने कहा- इस मामले को दिखवाएंगे और ये लोकार्पण है, तो विधायक भड़क गई। वह बोलीं-तुमने भी दारू पी रखी है क्या ? मामला रविवार रात 2 बजे का है। करीब 2 घंटे तक ये पूरा विवाद चला। मामल बढ़ता देख एसडीएम चंद्र प्रकाश वर्मा, एएसपी नीलकमल, एसएचओ राधा रमन गुप्ता मौके पर पहुंचे और दोनों ही पक्षों से समझाइश की। अभी दोनों पट्टियों को सुरक्षित जगह पर रखा गया है। पहले तीन फोटोज में देखिए पूरा विवाद… पांच पॉइंट में पढ़िए पूरा मामला… 1. दो साल पहले हुआ था प्रतिमा का अनावरण
दरअसल, बौंली में 2 साल पहले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण हुआ था। यहां पीडब्ल्यूडी की ओर से चौराहे का निर्माण करवाया जा रहा है। दो साल पहले बामनवास विधायक इंदिरा मीना की ओर से इसका शिलान्यास किया गया था। इस पट्टिका पर उनके साथ पूर्व सीएम अशोक गहलोत का नाम भी था, जिसे रविवार रात को हटा दिया गया था। इस दौरान बौंली भाजपा मंडल अध्यक्ष हनुमत दीक्षित के साथ प्रधान कृष्ण पोसवाल भी थे। बताया जा रहा है कि इंदिरा मीणा और पालिका अध्यक्ष कमलेश देवी जोशी के नाम की पट्टिका प्रतिमा के नीचे लगाई जानी थी। प्रधान और बौंली मंडल अध्यक्ष ने इस पर आपत्ति की और वहां से उसे हटा दिया। 2. इंदिरा मीणा पटि्टका नीचे देख भड़की
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद रात करीब 12 बजे विधायक इंदिरा मीना मौके पर पहुंचीं। यहां अपने नाम की पट्टिका नीचे देख वह भड़क गई। इस पर हनुमत दीक्षित से बहस हो गई। 3. भाजपा नेता की कार के पायदान पर चढ़ गई
मामला इतना बढ़ गया कि हनुमत दीक्षित जब कार में सवार होकर निकलने लगे तो इंदिरा मीणा गुस्सा हो गई। वह पहले बहस करने लगी और फिर कार पर चढ़ गई। इसके बाद हाथापाई की भी नौबत आ गई। इंदिरा मीना धमकाते हुए कहने लगी- बीजेपी है तो गुंडाराज हो गया क्या, गुंडागर्दी क्यों कर रहे हो। अंबेडकर की प्रतिमा के हाथ कैसे लगाया। 4. विधायक एसडीएम से बोलीं- सरकार की गुलामी मत करो
विधायक बोलीं- जयंती शांति से क्यों नहीं मनाने दे रहे हो? इन्हें दंगे करवाने हैं। इसके बाद विधायक ने एसडीएम को कॉल किया। कहा-एसडीएम साहब इतने दब्बू मत बनो। समय-समय की बात है, सरकार की इतनी भी गुलामी मत करो। सरकार के लोग पुलिस को गालियां निकाल रहे हैं, पट्टिकाएं तोड़ रहे हैं। 5. आप अधिकारी हो तो नॉलेज होनी चाहिए
विधायक बोलीं- आप अधिकारी हो तो नॉलेज होनी चाहिए। बिल्डिंग कोई बन नहीं रही है और हमने शिलान्यास किया। हमारी शिलान्यास की पट्टिका को क्यों नहीं लगा सकते। इसमें अब बीजेपी-कांग्रेस क्या कर लेगी। आप लोग इशू बनवाना चाहते हो। अब सौंदर्यीकरण में क्या दिक्कत आ रही है। तुम भी संविधान विरोधी हो क्या ? पट्टिका को लगाने में क्या तुमसे परमिशन लेनी पड़ेगी क्या ? शराब पीकर पट्टिका तोड़ रहे हैं, पुलिस को गालियां दे रहे हैं, तो इनके खिलाफ मामला दर्ज करवाइए। इस पर जब उन्हें जवाब मिलता है कि इस मामले को दिखवाएंगे और ये लोकार्पण है तो विधायक भड़क गई। वह बोलीं-तुमने भी दारू पी रखी है क्या ? विधायक-भाजपा नेता के विवाद से जुड़ी दो फोटोज… इनपुट-आशीष मित्तल।

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