कांग्रेस विधायक से तहसीलदार बोले- फालतू बात नहीं,गलत हो जाएगा:जमीन सरकारी, मुझे आदेश कौन देगा; अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रुकवाने पहुंचे थे बैरवा

दौसा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायक और तहसीलदार भिड़ गए। विधायक दीनदयाल बैरवा ने आदेश मांगे तो तहसीलदार ने कहा- सरकारी जमीन का मालिक मैं खुद हूं, मुझे कौन आदेश देगा। जमीन मेरी है, आप फालतू की बात मत करो। इसे सुनकर विधायक गुस्सा हो गए और गरीबों के मकान तोड़ने का आरोप लगाया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों में बीच-बचाव किया। इसके बाद तहसीलदार ने अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई की। दरअसल, जयपुर-दौसा हाईवे पर ट्रक यूनियन ऑफिस के सामने रानी बीड के नाम से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज 12 बीघा जमीन है। इस पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे तहसीलदार गजानंद मीणा जाब्ते के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा कार्रवाई रुकवाने के लिए पहुंचे और कहा- आपके पास तोड़ने का आदेश क्या है, वह बताओ। इस पर तहसीलदार ने कहा- जमीन सरकारी है, अतिक्रमण हटाया जाएगा। पहले पढ़िए- विधायक-तहसीलदार में हुई नोक-झोंक के अंश विधायक: आपके पास तोड़ने का आदेश क्या है, वह बताओ। तहसीलदार: मैं खुद सरकारी जमीन का मालिक हूं, इसमें मुझे कौन आदेश देगा। विधायक: यहां पूरा दौसा ही सरकारी जमीन में है। तहसीलदार: हां तो आप फोटो खींच ले जाओ। कोर्ट जाओ। सरकारी जमीन के बारे में मुझे कोई आदेश नहीं देगा, मेरी जमीन का मालिक मैं हूं। आप कलेक्टर (डीएम) सर से बात कर लो। (इस बीच तहसीलदार कार्रवाई के आदेश देते हैं।) विधायक: अरे! जेसीबी को रुकवाओ। तहसीलदार: एमएलए साहब, फालतू बात नहीं, गलत बात हो जाएगी, सरकारी जमीन है, आप शांति रखो। विधायक: सरकारी जमीन का पता नहीं, इसके तो लोगों के पास हजारों वर्षों से पट्टे हैं। तहसीलदार: जमीन सरकारी है, अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके बाद विधायक बैरवा ने गुस्सा जाहिर करते हुए गरीबों के मकान तोड़ने और थाने में बंद करवाने की धमकी देने का आरोप लगाया। इस पर वहां मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। हालांकि तहसीलदार ने कार्रवाई जारी रखने के लिए निर्देश दिए। भारी पुलिस जाब्ते और प्रशासनिक कर्मचारियों की मौजूदगी में मौके पर अतिक्रमण हटाए गए। तहसीलदार बोले- लोगों का विरोध नहीं, सिर्फ विधायक को आपत्ति
तहसीलदार गजानंद मीणा ने कहा- 12 बीघा बेशकीमती भूमि राजस्व रिकॉर्ड में रानी की बीड के नाम से दर्ज है। जिस पर भू माफियाओं ने अवैध रूप से कॉलोनी काट दी। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए। मौके पर स्थानीय लोगों ने किसी प्रकार का विरोध नहीं किया, लेकिन विधायक ने कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई। विधायक ने कहा- मुझे जेल भेजने की धमकी दी
विधायक दीनदयाल बैरवा ने कहा- रानी की बीड के नाम से दर्ज भूमि पर रह रहे कई लोगों के पास पट्टे हैं और कई लोगों के कोर्ट केस चल रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई की सूचना मिलने पर मैं मौके पर पहुंचा और तहसीलदार से कोर्ट का आदेश मांगा तो वो मेरे पर बिफर गए और खुद को जमीन का मालिक बताने लगे। बैरवा के अनुसार- तहसीलदार ने निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ अशोभनीय व्यवहार करते हुए जेल भेजने की धमकी दी। मैंने कलेक्टर से बात कर गरीब लोगों के घर तोड़ने को लेकर आपत्ति जताई है। ये खबर भी पढ़िए विधायक रविंद्र भाटी और बीडीओ में बहस, VIDEO:MLA बोले- मीटिंग में तैयारी से आया करो, BDO ने कहा- इतने कागज लाना संभव नहीं बाड़मेर में मीटिंग में निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और बीडीओ विक्रम जांगिड़ के बीच बहस हो गई। विधायक ने सफाई को लेकर बीडीओ से सवाल पूछा। बीडीओ ने कहा- मीटिंग एजेंडा छोड़ दो और मेरे सवालों का उत्तर दो, इस तरीके से कैसे सवाल होते हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *