हरदा जिले की रहटगांव तहसील मुख्यालय पर 17 जनवरी को एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में टिमरनी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह भी शामिल हुए थे। विधायक शाह के इस सम्मेलन में शामिल होने पर कांग्रेस पार्टी ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस जिला प्रवक्ता आदित्य गार्गव ने कहा कि विधायक अभिजीत शाह को कांग्रेस के टिकट पर जनता ने चुना है। उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े आयोजन में शामिल होना कांग्रेस की घोषित विचारधारा के खिलाफ है। यह उनकी कांग्रेस विचारधारा के प्रति निष्ठा पर गंभीर सवाल उठाता है। कांग्रेस प्रवक्ता बोले- हमारी लड़ाई को कमजोर कर रहे विधायक
गार्गव ने बताया कि विधायक शाह ने इस सम्मेलन में अपनी उपस्थिति की जानकारी सोशल मीडिया पर भी साझा की थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते जनप्रतिनिधि के ऐसे आयोजनों में भाग लेने से जमीनी स्तर पर आरएसएस की विचारधारा से लड़ने वाले आम कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित होता है। एक ओर जहां राहुल गांधी इन संगठनों की विचारधाराओं का खुलेआम विरोध कर देश के सांप्रदायिक सद्भाव और संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं ऐसे आयोजनों में शामिल होकर उनकी इस लड़ाई को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने विधायक शाह से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पूछा कि क्या वे महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस और मौलाना आजाद जैसे देशभक्त नेताओं की विचारधारा के साथ हैं, या फिर गोडसे तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विभाजनकारी विचारधारा के साथ हैं। कार्रवाई की मांग की
आदित्य गार्गव ने यह भी कहा कि वे इस मामले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सांई और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह से शिकायत करेंगे। उन्होंने ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है ताकि कांग्रेस में मौजूद ‘स्लीपर सेल’ सामने आ सकें।


