नये शोध, कृषक हितों को बढ़ावा एवं कृषि शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को नए अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कृषि विश्वविद्यालय लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर ने आईसीएआर काजरी जोधपुर के साथ एमओयू किया। इस एमओयू पर कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो डॉ. वीएस जैतावत एवं काजरी के निदेशक डॉ एसपीएस तंवर ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता आगामी 5 वर्षों के लिए किया गया है। विद्यार्थियों को मिलेंगे अवसर
इस मौके पर कृषि विश्वविद्यालय के कुल गुरु प्रो डॉ वीएस जैतावत ने बताया कि इस एमओयू के माध्यम से अकादमिक समन्वय, विद्यार्थियों के विभिन्न प्रशिक्षण, एक्स्पोज़र भ्रमण सहित स्नातकोत्तर व शोध के विद्यार्थियों को सहयोग एवं सुअवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान के क्षेत्र में काजरी एवं कृषि विश्वविद्यालय के सम्मिलित प्रयासों से किसानों को भी अत्यंत फायदा होगा। कुलगुरु ने कहा यह समझौता कृषक हित में पश्चिमी राजस्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बढ़ेंगे तकनीकी नवाचार
इस मौके पर निदेशक काजरी डॉ. एसपीएस तंवर ने कहा कि इस समझौते से पश्चिम राजस्थान के किसानों को लाभान्वित करने वाले दुरगामी परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं का मुख्य ध्येय किसानों की समस्याओं का समाधान करना है। ऐसे में कृषि जगत से जुड़े विभिन्न आयामों में दोनों संस्थाओं के वैज्ञानिक मिलकर काम करेंगे तो नये तकनीकी नवाचार बढ़ेंगे। साथ ही काजरी में उपलब्ध आधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं से विद्यार्थियों को भी अत्यधिक सीखने को मिलेगा। इनकी रही मौजूदगी
एमओयू सेरेमनी के दौरान काजरी से प्रधान वैज्ञानिक डॉ धीरज सिंह, डॉ राजेश कुमार कंकाणी, डॉ एच एल कुशवाहा, डॉ आर एन कुमावत सहित केविके हैड डॉ. बीएस राठौड़ व सुरेंद्र कुमार की मौजूदगी रही। इस दौरान कृषि विश्वविद्यालय से वित्त नियंत्रक (लिंक ऑफिसर रजिस्ट्रार), अंजली यादव निदेशक अनुसंधान, डॉ. एमएम सुंदरिया, निदेशक शिक्षा, सुरेंद्र कुमार मूंड सहित अन्य निदेशक व अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उप कुल सचिव डॉ. आरएस चौधरी ने किया। समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापन केविके के प्रभारी डॉ. प्रदीप पगारिया ने किया।


