मैं दादी के पास जा रहा हूं, अपनी मां और बहन का ख्याल रखना। मुझे माफ करना… मेरी जो भी लेनदारी और देनदारी है। उसकी जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है। इसमें मेरे परिवार का कोई लेना-देना नहीं है… ये बाते सुसाइड नोट में लिखने और बेटी को वाट्सएप पर मैसेज भेजने के बाद कर्ज से परेशान एक होटल संचालक ने आर्य नगर स्थित अपने घर में फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। सब्जी खरीदने गई थी व्यापारी की पत्नी आर्य नगर निवासी 54 वर्षीय आशीष अग्रवाल का भारतीय रिजर्व बैंक के सामने होटल था। उनके परिवार में पत्नी रुचि और दो बेटियां खुशी व महक है। परिजनों ने बताया कि ढाई साल पहले उनकी मां उषा अग्रवाल की मौत हो गई थी। मां से अधिक लगाव होने के बाद उनकी मौत के बाद से वह मानसिक तनाव में रहते थे। शनिवार को उनकी पत्नी सब्जी खरीदने बाजार गई थी। इस दौरान बेटी नहाने चली गई। बेटी को वाट्सएप पर भेजा मैसेज जिसके बाद उन्होंने बेटी को वाट्सएप पर मैसेज भेजा। जिसमें लिखा था कि मैं दादी के पास जा रहा हूं। अपनी मां और बहन का ख्याल रखना। मुझे माफ करना… जिसके बाद उन्होंने स्टोर रूम में खिड़की की ग्रिल के सहारे चुन्नी से लटक कर आत्महत्या कर ली। जब बेटी नहाकर वापस लौटी तो पिता का शव लटकता मिला। परिजनों ने कोहना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर जांच पड़ताल की। पुलिस टीम को उनके पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। घटना की जानकारी पर एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि व्यापारी के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें कर्ज होने के जिक्र है, प्रारंभिक जांच के अनुसार उन्होंने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की है।


