प्रदेश के कानून मंत्री जोगाराम पटेल के राजकीय निवास पर गुरुवार को टीएसपी (TSP) क्षेत्र के युवाओं और संविदा कर्मियों ने अपनी पीड़ा रखी। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूंबर और सिरोही जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने सरदार पटेल सेना के राष्ट्रीय संयोजक कवि सुनील पटेल सन्नाटा नेजपुर के नेतृत्व में मंत्री से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों से अवगत कराया। 2008 से मनरेगा में कार्यरत, अब तक नियमों से बाहर प्रतिनिधिमंडल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि बांसवाड़ा सहित टीएसपी क्षेत्र के अन्य जिलों में वर्ष 2008 से मनरेगा योजना के अंतर्गत ग्राम रोजगार सहायक, डेटा एंट्री ऑपरेटर और लेखा सहायक जैसे पदों पर 152 से अधिक कार्मिक कार्यरत हैं।
इन कार्मिकों को ‘लोक विज्ञापन’ के अभाव का हवाला देते हुए संविदा सेवा नियम-2022 के दायरे से बाहर रखा गया है, जबकि वे पिछले 16 वर्षों से अल्प मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। 25 नवंबर 2025 को आया था कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 25 नवंबर 2025 को न्यायालय ने इन संविदा कर्मियों के पक्ष में निर्णय दिया था। इसके बावजूद अब तक आदेश की पालना नहीं की गई है। कर्मचारियों ने मांग की कि न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए उन्हें नए संविदा नियमों में शामिल किया जाए। सरदार पटेल जयंती पर अवकाश और OBC आरक्षण का मुद्दा मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने रोजगार से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ सामाजिक विषयों पर भी चर्चा की। इनमें सरदार पटेल जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित करने, टीएसपी क्षेत्र में OBC वर्ग को आरक्षण का लाभ देने तथा सल्लाडा स्थित मां कुलदेवी आंजणा माताजी मंदिर में मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विचार-विमर्श शामिल रहा। समस्याओं का न्यायोचित समाधान करने का भरोसा सरदार पटेल सेना के राष्ट्रीय संयोजक कवि सुनील पटेल ने बताया कि कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने युवाओं और संविदा कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है। मंत्री ने कहा कि टीएसपी क्षेत्र की मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा और न्यायोचित समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान हेमंत पाटीदार, दिलीप पटेल, राजवीर भाई, कानजी पटेल सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।


