कानोता बाग में लूट:वारदात कर रात 1:58 बजे निकले बदमाश, पुलिस को सुबह 6:13 बजे सूचना, तब तक मथुरा पहुंच गए

कानोता बाग देवी पथ पर हुई लूट को नेपाल निवासी महिला नौकर के गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। बदमाशों ने कितने बजे घर में घुसना है। वारदात के बाद काॅलाेनी से कैसे निकलना है। कैसे भागना है। सबकुछ पहले से तय कर लिया था। आराेपी नौकरानी सावित्री रात 10:30 बजे बाउंड्रीवाल के मुख्य गेट पर ताला लगाने का कहकर गई, लेकिन ताला नहीं लगाया। घर के मुख्य गेट की कुंदी भी नहीं लगाई। रात 11:35 बजे सावित्री के दाे साथी गेट नंबर-3 से कॉलोनी में घुसे। इसके बाद मुख्य गेट खोलकर सीढ़ियाें के पास छिप गए। रात एक बजे सावित्री के साथ दाेनाें बदमाशों ने अंधेरे में ही धावा बाेल दिया।
नींद में अचानक हुए हमले से संदीप व प्रतिमा संभल नहीं पाए। सावित्री ने प्रतिमा काे और बदमाशों ने संदीप काे दबाेच कर हाथ-पैर बांधे और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद मंजू काेठारी के हाथ-पैर बांध कर उनके मुंह में भी कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद तीनाें के आंखाें पर पट्टी बांध दी। इस दाैरान प्रतिमा ने विराेध किया तो उससे मारपीट की, जिससे खून निकल आया। इसके बाद करीब एक घंटे तक मोबाइल के टाॅर्च की राेशनी में अलमारियाें काे खंगालते रहे। रात करीब 1:58 बजे तीनों घर से पैदल निकल गए। बदमाश तीनाें के मोबाइल भी लेकर चले गए, जिन्हें हाईवे पर बस्सी थाना इलाके पुलिस ने बरामद किया है। सुबह 6:13 बजे वारदात की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे तलाशे तो तख्तेशाही राेड पर खड़ी कैब में बैठकर तीनों आगरा राेड की ओर जाते दिखे। पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर चालक को फाेन किया ताे उसने नेपाली परिवार को सुबह करीब 6:15 बजे मथुरा में छाेड़ने की बात कही। वहां से बदमाशों के नेपाल भागने की संभावना है। ऐसे में कमिश्नरेट पुलिस ने यूपी और बिहार पुलिस से मदद मांगी है, ताकि बदमाशों को भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा जा सके। नाैकर ने खुद काे खाेलकर 4 बजे ड्राइवर काे सूचना दी; वारदात से घबराए नाैकर संदीप ने करीब दाे घंटे बाद खुद काे किसी तरह खाेला और लैंडलाइन फाेन से ड्राइवर माेती सिंह निवासी कालवाड़ राेड हाथाेज काे सूचना दी। माेती सिंह ने मंजू काेठारी के अकाउंटेंट विनाेद जैन निवासी आगरा राेड काे सूचना दी। दाेनाें 5:30 बजे घर पहुंचे। पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी का डायरेक्शन बदला, ग्लव्स भी पहन रखे थे बदमाशों ने पहचान से बचने के लिए मंजू काेठारी के घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे का डायरेक्शन बदल दिया। एफएसएल टीम को अलमारी और मैन गेट के ताले पर अंगुलियों के चिह्न भी स्पष्ट नहीं मिले। इससे लगता है कि बदमाशों ने ग्लव्स पहन कर वारदात को अंजाम दिया। बदमाश 2 घंटे तक कुछ शब्द नहीं बोले बदमाश इतने शातिर थे कि दाे घंटे तक घर में रहे, लेकिन उन्होंने आपस में काेई बात नहीं की। उन्होंने लाइट जलाने के बजाए माेबाइल की टॉर्च से ही आलमारियों में जेवर और नकदी तलाशी। एक नाैकर पहले भी कर चुका था प्रयास
मंजू काेठारी के चालक माेती सिंह ने बताया कि 8 साल पहले भी एक नाैकर वारदात का प्रयास कर चुका था। नकब और पेचकस पकड़ में आने से वह सफल नहीं हाे पाया था। वारदात से पहले सावित्री मोबाइल पर बात करती रही नाैकर संदीप व नौकरानी प्रतिमा ने पुलिस काे बताया कि सावित्री अक्सर फाेन पर बातें करती थी। वह साेमवार रात काे भी घर की छत पर काफी देर तक मोबाइल बात करने में लगी हुई थी। वारदात में सावित्री के अलावा तीन बदमाश शामिल हैं। बदमाशाें काे पकड़ने के लिए नेपाल बार्डर पर अलर्ट
डीसीपी ईस्ट तेजस्वनी गाैतम ने बताया कि बदमाशों काे ट्रैक कर लिया है। पकड़ने के लिए अलग-अलग 6 टीमाें काे लगाया है। नेपाल भागने की संभावना काे देखते हुए यूपी पुलिस की भी सहायता ली जा रही है। नेपाल बार्डर पर अलर्ट कर दिया गया है।

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