कान्हा रिजर्व में वन्यजीव सप्ताह पर लोक संस्कृति की प्रस्तुति:ईको समितियों ने पर्यावरण सुरक्षा पर दिया जोर; स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए

मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व के सिझोरा उपवनमंडल में शनिवार को वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरही इंटरप्रेटेशन सेंटर में हुए इस आयोजन का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पारंपरिक लोक संस्कृति व स्थानीय खानपान को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में सिझोरा उपवनमंडल के तीनों परिक्षेत्रों से 12 ईको विकास समितियों ने लोक संगीत प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण, वन, वन्यजीव सुरक्षा और कान्हा टाइगर रिजर्व के महत्व पर आधारित लोक गीत प्रस्तुत किए। इसके साथ ही, तीन समितियों ने अहीर, सैला और बैगा जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन भी किया। स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल पर लोगों ने स्वाद लिया स्थानीय खानपान को प्रोत्साहित करने के लिए पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर कोदो का चावल, कुटकी की खीर, उड़द की दाल, चेच की भाजी, मक्का पेज, उड़द बड़ा, चावल चीला, पुदीना चटनी, मक्का रोटी और महुआ-सोंठ लड्डू जैसे पकवान उपलब्ध थे, जिनका उपस्थित लोगों ने स्वाद लिया। इस अवसर पर बिछिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक नारायण सिंह पट्टा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 250 से अधिक ईको विकास समिति सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पर्यटक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रतिभागी पुरस्कार से सम्मानित कार्यक्रम का संचालन कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक और उप संचालक के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने वन्यजीव संरक्षण और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के इस प्रयास की सराहना की। अंत में, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने सभी प्रतिभागी समितियों को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

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