केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि देश में महिला एंव बाल विकास विभाग को लेकर जो योजनाएं है उसको लेकर राज्यों के सुझाव और चुनौतियां सामने आई हैं और उस पर काम किया जाएगा। देश में कामकाजी महिलाओं के लिए कई योजनाएं सरकार लेकर आई है। वे उदयपुर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की और से महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास और कल्याण से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर चल रहे चिंतन शिविर के आखिरी दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थी। कहा- शिविर में विभाग की रैंकिंग नहीं की अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि देश के कई बड़े शहरों में कामकाजी महिलाएं ज्यादा है उनके लिए हमारी सरकार काम कर रही है ताकि महिलाओं को काम करने में कोई समस्या नहीं हो। इसके लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 11 हजार 200 करोड़ रुपए की योजनाएं स्वीकृत कर चुकी है। किस राज्य की परफॉर्मेंस अच्छी तो थी और किसकी खराब के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह चिंतन शिविर था। इसमें रैंकिंग नहीं की गई। इसमें तो राज्यों ने एक-दूसरे के नवाचार जो अच्छे लगे उन पर चर्चा की और जो चुनौतियां सामने आई उसको लेकर समाधान निकाला गया। चिंतन शिविर अन्य राज्यों द्वारा किए जा रहे हैं बेहतर कार्य को दूसरे राज्य द्वारा अडॉप्ट करने और किसी भी राज्य के सामने आ रही समस्या या चुनौतियों का निराकरण करने के लिए किया गया उन्होंने कहा कि चुनौतियों के रूप में तो फंड रिलीज को लेकर थी उसको लेकर कुछ समस्या आई तो हमारे अधिकारियों ने उसका निराकरण निकाला और पूरे सिस्टम को समझाया। साथ ही कुछ राज्यों को योजनाओं को डाउट थे उसको स्पष्ट किया। दानदाताओं का अच्छा सहयोग रहा अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को दानदाताओं और सहयोग करने वालों को लेकर कहा कि यह अच्छा प्रयास है और इसके लिए लोगों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक अच्छी पहल होगी की स्थानीय व्यक्ति द्वारा किसी आंगनबाड़ी केंद्र को गोद लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत का संकल्प सार्थक करने का जो उद्देश्य है उसी को लेकर हम आगे बढ़ रहे है। शिविर में महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास की राह में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर जो सार्थक चर्चा हुई उनको समग्र रूप से तैयार कर उसके समाधान और नवाचार को लेकर रिपोर्ट तैयार कर मंत्रालय उसी के अनुरूप आगे बढ़ेगा।


