भास्कर न्यूज|कामडारा कामडारा और बसिया प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में पिछले एक महीने से दहशत का पर्याय बना अकेला जंगली हाथी आखिरकार अपने झुंड में शामिल हो गया है। करीब दर्जनों मकानों को मलबे में तब्दील करने और कई ग्रामीणों को घायल करने के बाद यह जंगली हाथी अब अपने सात साथियों के साथ कामडारा, बसिया और भरनो प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र ‘मालादोन’ के जंगलों में डेरा डाले हुए है। बसिया के वनपाल लिबनुस कुल्लू ने सोमवार को इसकी पुष्टि की है। घटनाक्रम के अनुसार हाथियों का यह दल नवंबर माह से ही क्षेत्र में सक्रिय था। 2 दिसंबर को वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद हाथियों को रामतोलया गढ़ाटोली से खदेड़ा था। लेकिन उस दौरान तीन हाथी मुख्य झुंड से बिछड़ गए। इनमें से दो तो वापस लौट गए, लेकिन एक अकेला हाथी पिछले एक महीने से इलाके में लगातार उत्पात मचा रहा था। इतनी तबाही मचाने के बाद यह जंगली हाथी भरनो बॉर्डर पर स्थित मालदोन जंगल पहुंचा। जहां उसने अपने सात सदस्यीय समूह के साथ पुनर्मिलन किया।अकेले हाथी ने अपने भ्रमण के दौरान जान-माल का भारी नुकसान किया है: 10 दिसंबर: किसनी बड़काटोली में फसल की रखवाली कर रहे फ्रांसिस तोपनो को घायल किया। 24-29 दिसंबर: पोजे खरवाटोली में फसलें रौंदी और बामनडीह में प्रचारक अमित आईंद का मकान ढहाया। 4 जनवरी: गाड़ा गांव में मेरी उराँव, जोसेफ मुंडा और मारग्रेट सोरेंग के मकान तोड़े। 6 जनवरी: मुरगा गाँव में जुएल तोपनो और मोनिका आईंद (तीन कमरे) के घरों को निशाना बनाया। 9 जनवरी: नरसिंहपुर अंबाटोली में श्रवण साहु का घर तोड़ा और नवाडीह में सब्जियां बर्बाद कीं। 14 जनवरी: बोंगदा गेंदाटोली की सुमित्रा देवी और किसनी के निकोलस बरला को पटक कर जख्मी कर दिया। पीड़ित अपने क्षतिग्रस्त मकान या फसल की तस्वीरें लें। संबंधित मुखिया, वार्ड सदस्य और अंचल कार्यालय से सत्यापन/अनुशंसा प्राप्त करें। सभी दस्तावेजों के साथ वन विभाग में आवेदन जमा करें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग सरकारी प्रावधानों के अनुरूप मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा। फिलहाल, सात हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए सीमावर्ती गांवों में अलर्ट जारी है। लोगों को सतर्क रहने को कहा ग या।


