शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर मेयर चुनाव के बाद नगर निगम हाउस की पहली मीटिंग में बजट और एजेंडे बिना बहस के ही पास कर दिए गए। इसका कारण कांग्रेस–आम आदमी पार्टी के नेताओं का हंगामा और नगर निगम प्रशासन के कुप्रबंधन रहा। शहर से जुड़े अहम एजेंडों पर चर्चा हंगामे से कहीं ज्यादा जरूरी थी। एजेंडों में शहर की सबसे बड़ी समस्या कूड़े का प्रबंधन नई कंपनियों को देने का प्रस्ताव, डॉग स्टरलाइजेशन, शहर के बीचोंबीच मौजूद पशु अस्पताल और एसपीसीए को अपग्रेड करने जैसे कई मुद्दे शामिल हैं। चर्चा होती तो वो खामियां पता चलती, जो भविष्य में नासूर भी बन सकती हैं। इसी जिम्मेदारी को समझते हुए दैनिक भास्कर ने दो एक्सपर्ट्स से एजेंडों का निरीक्षण करवाया। दोनों के अनुसार मीटिंग करवाई इसलिए जाती है कि जो काम करवाने हैं, उन पर सर्वपक्षीय विचार किया जा सके। मगर शनिवार को दोनों पक्षों की गलती के कारण ऐसा नहीं हो पाया। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि कूड़ा प्रबंधन के टेंडरों में क्या होगा इसी जानकारी किसी को पता ही नहीं। इसी तरह हाथी गेट स्थित पशु अस्पताल, सोसायटी फॉर द प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल (एसपीसीए) को शिफ्ट करना जरूरी है, जबकि उसकी डवलपमेंट की तैयारी की जा रही है जो कि एक ब्लंडर साबित हो सकता है।


