आप कार ड्राइव करते हैं और हेलमेट न लगाने का चालान काटा जाए। चौंक जाएंगे न आप। ऐसा ही हुआ, उदयपुर के वकील के साथ। वकील के मोबाइल पर ई-चालान काटे जाने का मैसेज आया, जिसमें लिखा था- गाड़ी में हेलमेट नहीं लगा रखा है, इसलिए 1000 रुपए का चालान बनाया गया है। इसमें मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194D/129 हेलमेट से संबंधित उल्लंघनों को कोड किया गया था। वकील का कहना है- वे कार चलाते हैं न कि टू-व्हीलर। इसके बाद भी ऐसा चालान आने पर चौंक गए। हालांकि बाद में ट्रैफिक पुलिस ने अपने स्तर पर ही इसे सही कर दिया। राजस्थान में ई-चालान में गलती का ये पहला केस नहीं है। इससे पहले कोटा समेत अन्य जिलों में भी ऐसे केस सामने आए थे। कोटा में तो घर के बाहर खड़ी कार का ही ई-चालान काट दिया गया था। पढ़िए- उदयपुर में वकील के गलत ई-चालान का मामला कार चलाकर लेकर गए, चालान बाइक का गलत ई-चालान सुखेर के रहने वाले दीपक डांगी (वकील) का काटा गया। भास्कर से बात करते हुए उन्होंने बताया- 31 जनवरी 2026 को वे कार से सूरजपोल से बिछड़ी गांव जाने के लिए निकले थे। कार चलाते हुए सीट बेल्ट भी लगाया हुआ था। मोबाइल पर ई-चालान काटे जाने का मैसेज आया, जिसमें कार नंबर RJ27CM7190 और समय 31 जनवरी सुबह 11:20:05 का अंकित था। मैसेज में हेलमेट न लगाने का जिक्र था। ऐसे में चौंक गया कि, कार चलाने पर हेलमेट न लगाने का ई-चालान कैसे काटा गया। डांगी ने बताया- उदयपुर कोर्ट में पता चला कि यहां बैठे किसी व्यक्ति का दूसरी जगह से ई-चालान काट दिया जाता है। ऐसे में गलत ई-चालान काटे जाने के कई केस सामने आते हैं। वकील ने बताया- उन्होंने ई-चालान प्रिंट निकाला और सभी दस्तावेज तैयार किए। इस बीच ई-चालान मैसेज का लिंक वापस खोलकर देखा तो, वो अपडेट मिला। अपडेट ई-चालान में कार की जगह बाइक कर दिया। मालिक का नाम भी बदल दिया। समय वहीं रखा गया।
ट्रैफिक डीएसपी बोले- मशीन नंबर प्लेट रीड करती है मामले को लेकर भास्कर ने उदयपुर के ट्रैफिक डीएसपी अशोक आंजना से बात की। उन्होंने बताया कि जब चालान को आगे प्रोसेज किया जाता है, तब नंबर क्रॉस में ये भूल पकड़ में आ जाती है। इस तरह की गडबड़ी को ठीक भी कर दिया जाता है। ट्रैफिक डीएसपी कहते हैं- इस केस में ऐसा हुआ है कि बाइक सवार बिना हेलमेट था और पीछे कार का नंबर साफ दिख रहा था। मशीन ने उसे रीड कर दिया। स्टाफ को जब गलती लगी तो, ई-चालान को ठीक कर दिया गया। इसके बाद बाइक सवार को ही चालान भेजा गया। आंजना बताते हैं सिस्टम में शिकायत देने का भी प्रोसेज है, जिसमें 15 दिन के भीतर अगर गाड़ी नंबर चालान में गलत आ गए तो उसे ठीक करते हैं। गलत ई-चालान काटे जाने की ये खबर भी पढ़िए- घर खड़ी कार का आया चालान,हाईवे से निकली सरकारी हुंडई:मालिक बोला- मैं तो कंस्ट्रक्शन साइट पर था, ट्रैफिक डीएसपी बोले- टेक्निकल फॉल्ट
कोटा के रंगबाड़ी इलाके के रहने वाले दीनदयाल को यातायात पुलिस की ओर से 1000 रुपए का ऑनलाइन चालान मिला। (पढ़िए पूरी खबर)


