बूंदी में 10 साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई है। एससी-एसटी कोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार गुप्ता ने राजेंद्र सिंह हाड़ा और जगदीश खत्री को 10-10 साल की कैद और 5-5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला 20 अप्रैल 2014 का है। पीड़ित रोशन हरिजन अपनी अल्टो कार से श्री वल्लभ एसोसिएट सर्किट हाउस बूंदी जा रहे थे। शाम करीब 3:30-4:00 बजे जब वह बाईपास कंट्रोल रूम के पास गुरुद्वारे के निकट पहुंचे, तभी लाल रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार राजेंद्र सिंह हाड़ा, जगदीश खत्री और यतेंद्र शर्मा ने उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पिस्टल से फायर किया, जिससे गोली रोशन की छाती और गर्दन को छूती हुई कार के दोनों तरफ के शीशों को तोड़ती हुई निकल गई। हमले के बाद तीनों आरोपी केन सिंह चौराहे की तरफ फरार हो गए। कोतवाली थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच की। विशिष्ट लोक अभियोजक शिव कुमार तोषनीवाल ने राज्य की ओर से पैरवी करते हुए 18 गवाह और 29 दस्तावेज पेश किए। सभी सबूतों और गवाहियों के आधार पर न्यायालय ने राजेंद्र सिंह हाड़ा (45) को धारा 307 और जगदीश खत्री (40) को धारा 307/34 के तहत दोषी करार दिया।


