भास्कर न्यूज | जालंधर कालिका धाम किशनपुरा में भक्तों ने दुख निवारण चंडी महायज्ञ किया। आचार्य इंद्रदेव काली (बबलू पंडित) ने अध्यक्षता की। उन्होंने भक्तों को बताया कि जैसे सूरजमुखी का फूल दिनभर सूरज का पीछा करता है, सूरज के साथ अपनी दिशा बदलता है और रात के समय भी उस ओर मुड़ जाता है, जहां से सूरज उगता है। यह प्रेम का प्रतीक है। सूरजमुखी की तरह ही एक सच्चा भक्त भगवान से जुड़ा रहता है, वह दिन-रात अपनी भक्ति में लीन रहता है, और यह नाता एक निरंतर प्रेम का रूप लेता है। भक्ति में एक विशेष प्रकार का समर्पण और निरंतरता होती है।श्रद्धालुओं ने अपने तथा अपनों की खुशहाली की प्रार्थना की।


