कालोनाइजर पर शासकीय नाले को पाटकर कब्जा करने का आरोप:पहुंची निगम की टीम, पटवारी से कराया जाएगा नाले का सीमांकन

कैलाश नगर कुरुद भिलाई स्थित श्रीराम हाइट्स कालोनी के पीछे शासकीय नाले को पाटकर कब्जा करने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत भिलाई निगम आयुक्त से की गई थी। इसके बाद निगम की टीम मौके पर जांच करने पहुंची। अधिकारियों ने कहा वो पटवारी आरआई से शासकीय नाले का सीमांकन कराएंगे। निगम के ईई अरविंद शर्मा ने बताया कि राजेश पाण्डेय निवासी श्रीराम हाइट्स कैलाश नगर कुरुद ने नगर निगम भिलाई के आयुक्त के पास शिकायत की थी कि कालोनाइजर के द्वारा शासकीय नाले को पाटकर उसकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं टीएनसी से पास नक्शा के विपरीत कब्जा की गई जमीन पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने शिकायत की जांच की और शिकायतकर्ता के आवेदन को नस्तीबद्ध कर दिया। इसके बाद फिर से इसकी शिकायत निगम आयुक्त राजीव पाण्डेय से की गई। निगम आयुक्त ने कहा कि कहा कि वहां निर्माण गलत हुआ। इसकी जांच की जाएगी। इसके बाद उन्होने निगम के भवन अनुज्ञा अधिकारी अरविंद शर्मा को फिर से जांच के लिए भेजा। शर्मा ने मौके पर जांच की शासकीय नाले का सीमांकन कराने के लिए लिखा है। कालोनी वासियों ने अधिकारियों को घेरा जिस समय शासकीय नाले का निरीक्षण करने भवन अनुज्ञा अधिकारी अरविंद शर्मा अपने अधिकारियों से साथ पहुंचे वहां बड़ी संख्या में श्रीराम हाइट्स कालोनी के रहवासी आ गए। उन्होंने कहा कि कालोनाइजर ने गलत तरीके से नाले की जमीन पर कब्जा किया है। देखते ही देखते श्रीराम हाइट्स के संचालक मेसर्स वंदेमातरम बिल्डर्स पार्टनर श्रीनिवास खेड़िया भी अपने बेटे के साथ पहुंच गए। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा की गई बाउंड्रीवाल पूरी तरह से सही और उनकी जमीन पर है। इसके बाद कालोनी वालो ने हंगामा शुरू कर दिया और निगम के अधिकारी वहां से लौट गए। उन्होंने कहा कि अगली बार वो आरआई और पटवारी के साथ आएंगे और सीमांकन करके यह तय करेंगे की बाउंड्रीवाल का निर्माण नाले की जमीन पर हुआ या नहीं। बिना जांच किए शिकायत को कर दिया नस्तीबद्ध एक तरफ जहां निगम आयुक्त राजीव ने कहा कि शासकीय नाले में कब्जा हुआ है और उसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं वहीं उनके मतहत भवन अनुज्ञा अधिकारी ने राजेश पाण्डेय की शिकायत को यह बताते हुए नस्तीबद्ध कर दिया था कि जिस जगह की शिकायत की गई है वहां पर कालोनाइजर की 072 हेक्टेयर जमीन है। उसके द्वारा पूरी अनुमति के साथ वहां निर्माण किया गया है। कालोनाइजर की जमीन से लगा हुआ शासकीय नाला है। नाले में अधिक बहाव होने के कारण वहां जल भराव हो गया और इसकी वजह से अतरिक्त निर्माण हुआ है। सीमांकन कराने के बाद कालोनाइजर ने जमीन पर पिचिंग व बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जाता है। ऐसा जवाब लिखकर भवन अनुज्ञा अधिकारी ने शिकायत को नस्तीबद्ध कर दिया।

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