कासगंज में नागा साधुओं ने निकाली यात्रा, VIDEO:महाकुंभ के बाद नजर आए; हाथों में त्रिशूल-तलवार लेकर दिखाए करतब

यूपी के कासगंज में संत तुलसीदास की नगरी सोरों सुकर क्षेत्र में बुधवार को देशभर से आए नागा साधुओं ने यात्रा निकाली। प्रयागराज महाकुंभ के बाद बैंड बाजों के साथ निकली यात्रा देखने लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। नागा साधु हाथों में चिमटा, तलवार, डमरू के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाते नजर आए। सभी नागा साधुओं ने सोरों की हरिपदी गंगा में स्नान किया। कासगंज से 15 KM दूर तीर्थनगरी सोरों में हर वर्ष मार्गशीर्ष मेला लगता है। इसमें साधुओं का अनूठा संगम हरिपदी के गंगा घाट पर देखने को मिलता है। हर बात की तरह इस बार भी नागालैंड आश्रम से नागा साधुओं की शोभायात्रा ढोल नगाड़ों के साथ शुरू हुई। इसमें मौजूद झांकियों में अखाड़ों के प्रमुख महंत विराजमान थे। यात्रा में शामिल नागा साधु अपने शरीर पर भभूत लगाए हुए थे। कई साधु अलग-अलग परिधानों में थे। यात्रा में नगाड़े, घंटे, दुंदुभी बजाई जा रही थी। साधुओं के हाथों में त्रिशूल, तलवार, फरसा आदि नजर आ रहे थे। कई साधु इन शस्त्रों और वाद्ययंत्रों से तरह-तरह के प्रदर्शन करते हुए चल रहे थे। नागा साधुओं की यात्रा सोरों के योग मार्ग, लहरा रोड, बड़ा बाजार, कछला गेट, रामसिंहपुरा, कटरा बाजार, चंदन चौक, मेला रोड क्षेत्र से होते हुए हरिपदी घाट पहुंची। यहां नागा साधुओं ने शाही स्नान किया। इसके बाद परंपरा के अनुसार गणेश गिरी महाराज को 250 ग्राम सुल्फ की चिलम चढ़ाई गई। नागा साधुओं की भव्य यात्रा की तस्वीरें देखिए… इस परंपरा के बारे में जानिए…
बताया जाता है कि करीब 25 साल पहले सोरों के ब्रह्मलीन नागा साधु महंत सेवागिरि ने पूरे भारतवर्ष के नागा साधुओं के अखाड़ों पर जाकर उन्हें एक मंच पर लाने का काम किया था। उन्होंने तीर्थनगरी में हर साल मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पर जुलूस और स्नान की परंपरा डाली। तभी से यह परंपरा जारी है। हर साल मार्गशीर्ष पर नागा साधु एकत्रित होकर स्नान करते हैं। नागा साधुओं की शोभा यात्रा के पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

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