मेट्रो कॉरिडोर के लिए बने वाटर रिचार्जिंग पिट को नगर निगम ने ही मिट्टी डालकर बंद कर दिया। कंपनी ने गांधीनगर से रोबोट चौराहे तक 17.5 किमी में 200 रिचार्ज पिट बनाए हैं, ताकि बारिश का पानी सीधे जमीन में उतर सके। इनमें से कई अब बंद हो गए हैं। एक पिट पर 2 लाख रुपए खर्च हुए हैं। हाल ही में कंपनी ने रेडिसन चौराहे से पिलर नंबर 151 से 181 में इनका काम किया था। कंपनी कर्मचारियों ने पिट बनाकर पाइप भी जोड़ दिए। जब उनके ढक्कन लगाने पहुंचे तो यह देखकर हैरत में पड़ गए कि 12 में से 8 पिट पर निगम ने पूरी तरह मिट्टी डाल दी है। उन्होंने वेंडर व अफसरों को सूचना दी। वेंडर ने निगम के जोनल अफसरों से पूछा तो जवाब मिला कि हमें जानकारी नहीं है। निगम अफसर कार्रवाई से बचने के लिए ना-नुकूर ही करते रहे, बाद में मेट्रो कंपनी ने फोटो व वीडियो बताए तो अब गलती सुधारने और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। मेट्रो कंपनी ने 16 लाख के काम का कबाड़ा होने के बाद सभी पिट की जांच शुरू की है। कितने ठीक होंगे, ये तय नहीं मेट्रो ट्रैक के नीचे डिवाइडर बनाने का काम नगर निगम करवा रहा है। डिवाइडर के बीच मिट्टी डालने का काम निगम के ठेकेदार ही कर रहे हैं। जितने पिट बंद हुए हैं, उन्हें ठीक करना भी आसान नहीं। कई पाइप जाम हो गए हैं, उन्हें वापस खोलना मुश्किल है। कई पाइप और निर्माण इससे खराब होगा।
गलती से मिट्टी डली है, इसे हटवाएंगे निगम मेट्रो कॉरिडोर वाले हिस्से में डिवाइडरों के बीच मिट्टी डलवा रहा है। जिन रिचार्ज पिट पर ढक्कन लगे हैं, वहीं मिट्टी डाली है। गलती से यदि खुले पिट पर डल गई है तो हटवाएंगे। – राजेंद्र राठौर, एमआईसी सदस्य आरसीसी कवर करने पहुंचे तो पता चला
हम आरसीसी के कवर के लिए पहुंचे तो वहां मिट्टी डली थी। विजय नगर जोन पर भी संपर्क किया। -संतोष देशमुख, रिचार्ज पिट वेंडर


