शिवपुरी जिले में कर्जदारों से परेशान और बेटे से पैसे वसूलने के लिए किसान ने अपने ही अपहरण की साजिश रच दी। उसने बेटों को फोन कर 6 लाख की फिरौती मांगी और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही खुलासा कर दिया और आरोपी किसान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक खोरयार गांव के होतम यादव (50) के बेटे साहब सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि अज्ञात बदमाशों ने उसके पिता का अपहरण कर लिया है और 6 लाख की फिरौती मांग कर रहे हैं। यह भी बताया कि अगवा पिता ने खुद फोन कर बताया था कि उन्हें सतनवाड़ा के जंगलों में बंधक बनाकर रखा गया है और उनसे मारपीट की जा रही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया तो किडनैप किसान झिरना सरकार मंदिर में पुजारी के पास सोता मिला। कर्ज से परेशान किसान पिता ने क्यों रची थी किडनैप होने की साजिश? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बेटे को फोन लगाकर कहा- मेरा अपहरण हो गया है
होतम सिंह सुबह 6 बजे खेत के कहकर निकला, फिर उसने साढ़े 9 बजे अपने बेटे राजेंद्र को फोन कर अपने अपहरण की बात बताते हुए मारपीट की बात कही। दोपहर डेढ़ बजे भी फोन लगाया। इसके बाद शाम सात बजे फोन पर अपहरणकर्ताओं को 6 लाख रुपए देने की बात कही थी। इधर, परिजन ने पुलिस को अपहरण की सूचना दे दी थी। इसके बाद पुलिस ने खोज शुरू कर दी। पुलिस ने सर्चिंग शुरू की, छोटे बेटे राजेंद्र पर शक
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमन सिंह राठौड़ ने एसडीओपी पोहरी सुजीत सिंह भदौरिया के नेतृत्व में सिरसोद थाना प्रभारी मुकेश दुबोलिया, थाना सतनवाड़ा प्रभारी सुनील राजपूत और थाना गोपालपुर पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। इस दौरान पुलिस को अगवा किसान के छोटे बेटे राजेंद्र यादव पर शक हुआ, क्योंकि ग्रामीणों से पूछताछ में उसका आचरण संदिग्ध पाया गया। पुलिस ने जब राजेंद्र की मोबाइल लोकेशन ट्रेस की, तो वह भुसावल की जगह शिवपुरी में पाई गई, जिससे संदेह गहरा गया। पुलिस ने जब राजेंद्र को राउंडअप किया, तब सामने आया कि उसने रेलवे में नौकरी के नाम पर अपने पिता होतम यादव से लाखों रुपए ऐंठ लिए थे। राजेंद्र अपनी नौकरी रेलवे में बताकर पिछले 6 महीने से भुसावल की जगह शिवपुरी में किराए का कमरा लेकर छिपकर रह रहा था। यही वजह रही कि पिता होतम ने ही खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी, ताकि वह अपने बेटे पर दबाव डालकर पैसे वापस ले सके और उधारी चुका सके। होतम सिंह बोला–बेटे की नौकरी के चलते कर्ज में डूबा
होतम सिंह ने बताया कि सबसे छोटे बेटे राजेंद्र ने रेलवे में नौकरी के नाम पर 14 लाख रुपए मांगे थे। इस पर मैंने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर दे दिए। 6 माह पहले बेटा राजेंद्र ने नौकरी का कहकर भुसावल, महाराष्ट्र जाने की बात कही। जबकि वह शिवपुरी में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। राजेंद्र से उसने कहा कि सैलरी से मिलने वाले रुपए भेज दिया करो, ताकि कर्जा पटाया जा सके। इसके बाद भी उसने रुपए भेजना शुरू नहीं किया। इधर कर्जदार उससे पैसे वापस मांग रहे थे। बाद में पता चला कि उसकी नौकरी लगी ही नहीं है। इसीलिए कर्जदारों से बचने और बेटे से रुपए वसूलने पूरी साजिश रची थी। जंगल में झिरना सरकार मंदिर से मिला होतम यादव
इधर, किडनैपिंग की रिपोर्ट के बाद जांच में जुटी पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान होतम यादव झिरना सरकार मंदिर से रात 12 बजे पुजारी के पास सुरक्षित सोता हुआ मिला। होतम ने भी अपने अपरहण की साजिश रचने की वजह बेटे को दिए पैसों की वापसी को बताया। बेटे ने शादी के लिए नौकरी का बनाया बहाना
जांच में सामने आया कि राजेंद्र यादव ने बैचलर्स की पढ़ाई की थी। वह सरकारी नौकरी चाहता था, जिससे उसकी शादी अच्छी लड़की से हो सके, लेकिन राजेंद्र की नौकरी नहीं लग सकी। इसके लिए राजेंद्र ने अपनी फर्जी नौकरी लगने का प्लान बनाया और अपने पिता से 14 लाख रुपए ऐंठ लिए। इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 15 लाख की ठगी छिपाने पिता-पुत्र ने रची थी साजिश शिवपुरी जिले के सिरसोद थाना क्षेत्र में गुरुवार को हुए एक कथित अपहरण का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अपहृत किसान ने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची थी। बेटे ने पुलिस को सूचना दी कि अज्ञात बदमाशों ने उसके पिता का अपहरण कर लिया है। पूरी खबर पढृें


