राजनांदगांव जिले में पुस्तक विक्रेता संघ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी वसूली के खिलाफ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा है। संघ के अध्यक्ष संजय जैन ने स्कूलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ का कहना है कि स्कूल प्रशासन पुस्तकों में 40% तक कमीशन वसूल रहे हैं। निजी प्रकाशक प्रति पेज 5-6 रुपए तक का मूल्य रख रहे हैं। 100 पेज की किताब 500 रुपए में बेची जा रही है। जबकि NCERT की 200 पेज की किताब महज 65 रुपए की है। एक कक्षा की किताबों के 2500 रुपए के सेट पर स्कूल को 1000 रुपए तक का कमीशन मिल रहा है। स्कूल ड्रेस और बस सर्विस में भी अनियमितता स्कूल ड्रेस में भी अनियमितता सामने आई है। स्कूल प्रशासन कलर और डिजाइन में मामूली बदलाव कर एक विशेष दुकानदार को अधिकृत करते हैं। इससे उन्हें 50% तक का कमीशन मिलता है। स्कूल बस सेवा भी अब वसूली का जरिया बन गई है। छात्रों को स्कूल बस से आने-जाने की अनिवार्यता की जाती है। इसके लिए अत्यधिक फीस वसूली जाती है। पुस्तक विक्रेता संघ की मांग


