थाना परिसर में शनिवार 04 अक्टूबर को साइबर थाना इंचार्ज एवं डीएसपी राजेंद्र सिंह निर्वाण और थानाधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत की अगुवाई में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में CLG सदस्य, सरपंच व आम नागरिक मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा हथियार “जागरूकता” है। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंक डिटेल किसी के साथ साझा न करें, और यदि संदिग्ध कॉल या मैसेज आए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने से संपर्क करें। डीएसपी राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज के समय में साइबर ठग बेहद चालाक और तकनीकी रूप से सक्षम हैं, जो लोगों को नई-नई तरकीबों से जाल में फंसाते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को खुद जागरूक रहकर दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला खैरथल-तिजारा में साइबर थाना, साइबर सैल और साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। साइबर विशेषज्ञों ने बताया कि अब सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए संचार साथी पोर्टल और टेफ्को पोर्टल शुरू किए हैं, जिनके जरिए कोई भी व्यक्ति यह जांच सकता है कि उसके नाम से कितने सिम कार्ड जारी हुए हैं। अगर कोई अनधिकृत सिम जारी है, तो उसे पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट कर बंद कराया जा सकता है। विशेषज्ञों ने फेसबुक हैकिंग, बारकोड फ्रॉड, वॉट्सऐप हैकिंग, फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया हनी ट्रैप जैसे मामलों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड स्कैन, ऑनलाइन लोन ऐप, फर्जी ग्राहक सेवा नंबर, यूपीआई फ्रॉड, और सोशल मीडिया पर रुपए मांगने वालों से सावधान रहें। कार्यक्रम में उपस्थित 50 से अधिक लोगों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनके बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों ने साइबर टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता अभियान हर गांव और स्कूल तक पहुंचने चाहिए। इस अवसर पर संदीप वलेचा, परमानंद लख्याणी, जनेश भूटानी, प्रभु दयाल, मदनलाल पाटनिया, रहमत शाह अल्वी, हनीफ खान सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। संदेश साफ — “साइबर ठगी से बचना है तो सतर्क रहना है।”


