कोंडागांव में किशोरों के पोषण स्तर में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यूनिसेफ और एनआईटी रायपुर ने मिलकर एक विशेष स्टेकहोल्डर वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किशोरों में एनीमिया की समस्या से निपटना और उनकी खान-पान की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना था। कलेक्टर कुणाल दुदावत के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। फाइनल माइल संस्था की कंसल्टेंट रजुता कुंभोजकर, तारुतियम संस्था की अनीथा कसुगंटी और सृष्टि शंकर ने व्यावहारिक विज्ञान पर आधारित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। किशोरों को पोषण का महत्व बताया यह पहल एक दिन की ट्रेनिंग से कहीं बड़ी है। यह एक ऐसी शुरुआत है जो क्षेत्र के किशोरों के जीवन में दूरगामी बदलाव ला सकती है। इस अभियान के जरिए किशोरों को पोषण के महत्व के बारे में शिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे खुद अपनी सेहत के लिए सही निर्णय ले सकें। सेहत के प्रति जागरूक करना उद्देश्य कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। युवोदय और कोन्डनार चौंप्स के स्वयंसेवकों ने भी इसमें भाग लिया। सभी का उद्देश्य था कि कोंडागांव के किशोर न केवल स्वस्थ रहें, बल्कि वे अपनी सेहत के प्रति जागरूक भी बनें।


