बारां में किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बुधवार शाम बारां में एक बार फिर आंदोलन की शुरुआत हो गई। किसान नेता नरेश मीणा अचानक कलेक्ट्रेट पहुंचे और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। उनके बैठते ही बड़ी संख्या में किसान और समर्थक मौके पर पहुंच गए और उनका समर्थन जताया। जानकारी के अनुसार, मीणा बुधवार शाम करीब 6 बजे कलेक्ट्रेट के सामने पहुंचे और बैठकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद और यूरिया नहीं मिल पा रही है, जिससे किसान परेशान हैं और घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद उनके हाथ खाली लौट रहे हैं। इस समस्या का तत्काल समाधान आवश्यक है। फसल बीमा क्लेम व अन्य मुद्दों पर भी जताया आक्रोश मीणा ने कहा कि किसानों को अभी तक फसल बीमा क्लेम की राशि नहीं मिली है, और सरकार इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रही। इसके अलावा उन्होंने परवन वृहद परियोजना के पानी के इंतजार, सोयाबीन, उड़द और मक्का के कटाई कार्य लंबित, तथा वन्यजीवों से फसलों को हो रहे नुकसान जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीलगाय, हिरण, जंगली सूअर और मगरमच्छ किसानों की फसलों और जान-माल का नुकसान कर रहे हैं, लेकिन सरकार मुआवजा देना तो दूर, संतोषजनक जवाब भी नहीं दे रही। ग्रामीण समस्याओं पर भी उठी आवाज पुलिस प्रशासन ने की समझाइश सूचना मिलने पर सीआई योगेश चौहान मौके पर पहुंचे और समझाइश का प्रयास किया, लेकिन मीणा अपनी मांगों पर अड़े रहे और कहा कि धरना कितने दिन चलेगा और आगे किस स्तर पर जाएगा। इसकी जिम्मेदारी बारां प्रशासन और राजस्थान सरकार की होगी। धरना रात तक जारी रहा और अलग-अलग गांवों से किसान समर्थन में पहुंच रहे हैं।


