सरगुजा जिले के सेदम सहकारी समिति में खाद नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने नेशनल हाईवे 43 में चक्काजाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में किसान खाद लेने के लिए सहकारी समिति सेदम के बाहर लाइन में लगे थे। समिति प्रबंधक ने बताया कि समिति में खाद नहीं पहुंचा है तो किसान भड़क गए। समझाइश के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त किया। जानकारी के मुताबिक, सहकारी समिति सेदम के सैकड़ों किसान सोमवार को खाद लेने के लिए सहकारी समिति पहुंचे थे। समिति खुलने के बाद प्रबंधक पहुुुंचे और उन्होंने बताया कि समिति में खाद कम मात्रा में उपलब्ध है। डीएपी का स्टॉक नहीं है। खाद नहीं होने की सूचना पर भड़के किसानों ने जमकर नारेबाजी की और नेशनल हाईवे 43 को जाम कर दिया। धमकी देकर अधिकारियों ने हटाया
नेशनल हाईवे 43 में चक्काजाम किए जाने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर नायब तहसीलदार कृष्णा कंवर के साथ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। नायब तहसीलदार एवं पुलिस अधिकारियों ने किसानों को बिना पूर्व सूचना चक्काजाम करने को लेकर फटकार लगाई एवं बताया कि उनके खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई हो सकती है। इससे सहमे किसानों ने चक्काजाम हटा दिया। मौके पर करीब आधा घंटे चक्काजाम रहा। आश्वासन के बाद लौटे किसान
किसान फिर से सहकारी समिति के सामने एकत्र हो गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। समिति प्रबंधक ने डीएमओ से बात की। डीएमओ ने बताया कि खाद की खेप गुरुवार तक सेदम पहुंच जाएगी तो किसान वापस जाने को तैयार हुए। सेदम सहकारी समिति में 11 पंचायत आते हैं। प्रदर्शन में शामिल किसान वासुदेव , शिवकुमार, जोगेंद्र, सोनसाय, विसुनलाल, रविशंकर, शिवनंदन आदि ने बताया कि वे 1 माह से सहकारी समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज दिनांक तक एक बोरी खाद भी समिति से नहीं दिया गया है। समिति प्रबंधक ने बताया कि अभी समिति में डीएपी नहीं पहुंचा है। समिति में इफको 600 बोरी ,यूरिया 1925 बोरी, सुपर फास्फेट खाद 357 बोरी, पोटाश 600 बोरी उपलब्ध है। इसका वितरण आज किया जा सकता है। शेष खाद आने पर वितरण किया जाएगा। समिति के किसानों ने गुरुवार तक खाद नहीं पहुंचने एवं खाद नहीं मिलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।


