केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में किसान संगठनों ने 16 जनवरी को देशव्यापी धरने की घोषणा की है। इसी कड़ी में, मानसा जिले के बुढलाड़ा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किसानों ने विशाल मोटरसाइकिल मार्च निकालकर अपना रोष प्रकट किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से बिजली बोर्ड के निजीकरण, नए बीज बिल और मनरेगा (MGNREGA) के नियमों में किए गए बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (उग्राहा) के नेतृत्व में बच्छोआना, दोदड़ा, भादड़ा, बीरोके, गुरव कलां और चकक भाईके सहित कई गांवों में किसानों ने मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने ग्रामीणों से 16 जनवरी को डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालयों के बाहर होने वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। किसान नेता राम सिंह भैणीबाघा, जोगिंदर सिंह दयालपुर और जगसीर सिंह बुढलाड़ा ने साझा बयान में कहा कि केंद्र सरकार बिजली क्षेत्र का निजीकरण कर और नया बीज बिल लाकर किसानों के अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में बदलाव कर इसे खत्म करने की साजिश रची जा रही है, जिससे ग्रामीण मजदूरों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये कानून रद्द नहीं किए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


