भास्कर न्यूज़| लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के डायरेक्टोरेट ऑफ़ एक्सटेंशन एजुकेशन को 2025 की वार्षिक जोनल वर्कशॉप में जोन-I का सर्वोत्तम डायरेक्टोरेट ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन चुना गया। यह वर्कशॉप 22 से 24 दिसंबर तक जम्मू की शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित की गई थी। इस प्रतिष्ठित सम्मान के तहत डायरेक्टोरेट को ‘चल वैजयंती’ घूर्णन ट्रॉफी प्रदान की गई, जो कृषि प्रसार में उत्कृष्ट प्रदर्शन और नेतृत्व का प्रतीक है। इस पुरस्कार के लिए पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के 72 कृषि विज्ञान केंद्रों का मूल्यांकन किया गया। यह सम्मान पीएयू, लुधियाना के डायरेक्टर डॉ. मखण सिंह भुल्लर और पी.ए.यू. के केवीके इंचार्जों ने ग्रहण किया। तीन दिवसीय राष्ट्रीय वर्कशॉप ने कृषि विज्ञान केंद्रों को अपनी उपलब्धियों, इनोवेटिव प्रसार रणनीतियों और क्षेत्र-स्तरीय प्रभाव प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया। पी.ए.यू. की एकीकृत, किसान-केंद्रित और तकनीक-संचालित एक्सटेंशन फ्रेमवर्क को जोन-I के लिए मानक माना गया। वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने इस उपलब्धि पर डायरेक्टोरेट की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिक शोध को किसानों तक प्रभावी रूप में पहुँचाना और उनके लिए ठोस परिणाम तैयार करना डायरेक्टोरेट की प्रमुख विशेषता है। पीएयू का डायरेक्टोरेट ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन देश के सबसे बड़े अग्रिम लाइन नेटवर्क के माध्यम से काम करता है, जिसमें एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन सेंटर, पंजाब के 18 कृषि विज्ञान केंद्र, 15 फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर, प्लांट क्लिनिक, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और मल्टी-प्लेटफॉर्म कम्युनिकेशन सेंटर शामिल हैं। इन संस्थाओं के माध्यम से किसानों और ग्रामीण युवाओं को नई कृषि तकनीकें उपलब्ध कराई जाती हैं, उन्हें प्रशिक्षण और कौशल विकास प्रदान किया जाता है। हाल के वर्षों में डायरेक्टोरेट ने ‘एक गांव–एक तकनीक’ पहल, ‘रीच द अनरीच्ड’ अभियान, किसानों के उद्यमिता और एग्री-स्टार्टअप्स में सहयोग तथा डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अपनी पहुंच और प्रभाव को और मजबूत किया है। प्रमुख संचार पहलें जैसे खेती संदेश, चंगी खेती और प्रोग्रेसिव फार्मिंग, साथ ही यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स के माध्यम से पीएयू ने किसानों के साथ वास्तविक समय में जुड़ाव बढ़ाया है। वर्कशॉप का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, सहकारी और चुनाव विभाग मंत्री जाविद अहमद दार ने किया, जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप-निदेशक जनरल (एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन) डॉ. राजबीर सिंह और शेरे-कश्मीर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. बी.एन. त्रिपाठी भी उपस्थित थे। इस सम्मान ने पी.ए.यू. के विज्ञान-आधारित समाधानों, समावेशी विकास और किसान सशक्तिकरण में अग्रणी भूमिका को पुनः स्थापित किया।


