हनुमानगढ़ में किसान मलकीत सिंह को खेत की सिंचाई पाइपलाइन जुड़वाने के मामले में आठ माह बाद भी न्याय नहीं मिल पाया है। अखिल भारतीय किसान सभा ने आरोप लगाया है कि स्पष्ट अदालती आदेशों के बावजूद जिला और पुलिस प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे किसान की फसलें बर्बाद हो रही हैं। इसी को लेकर किसान संगठनों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को जंक्शन स्थित किसान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में किसान सभा नेता रघुवीर वर्मा ने बताया कि उप मजिस्ट्रेट हनुमानगढ़ ने 26 सितंबर 2025 को पाइपलाइन जोड़ने के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ दायर अपील को जिला एवं सत्र न्यायालय ने 8 दिसंबर 2025 को खारिज कर दिया। इसके बाद जोधपुर हाईकोर्ट ने भी मलकीत सिंह, बलविंद्र सिंह और मनप्रीत सिंह के पक्ष में फैसला सुनाया। इन सभी अदालती आदेशों के बावजूद पाइपलाइन अब तक नहीं जोड़ी गई है। किसान सभा का आरोप है कि दो बार पुलिस बल मांगे जाने और उपलब्ध होने के बावजूद प्रशासन कार्रवाई में टालमटोल कर रहा है। रघुवीर वर्मा ने कहा कि भाजपा नेताओं के दबाव के कारण प्रशासन अदालती आदेशों का पालन नहीं कर रहा है, जिससे मामला जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। तहसील महासचिव मोहन लोहरा ने बताया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसान की तीन फसलें नष्ट हो चुकी हैं और चौथी फसल भी खतरे में है। किसान नेता जगजीत सिंह जग्गी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब निजी औद्योगिक इकाइयों के लिए हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए जा सकते हैं, तो एक किसान को उसके कानूनी अधिकार दिलाने में प्रशासन क्यों विफल है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 2 फरवरी से जिला कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जो न्याय मिलने तक जारी रहेगा। इस प्रेस वार्ता में कई किसान नेता और प्रभावित किसान मौजूद थे।


