किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का अनशन आज 75वें दिन भी दातासिंहवाला-खनौरी किसान मोर्चे पर जारी रहा। उनके नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है और आगामी महापंचायतों की तैयारियां भी तेजी से हो रही हैं। 11, 12 और 13 फरवरी को रत्नपुरा, दातासिंहवाला-खनौरी और शम्भू मोर्चों पर महापंचायतों का आयोजन किया जाएगा। इन महापंचायतों की तैयारियों के तहत किसान नेताओं की टीम ने रत्नपुरा मोर्चे पर 11 फरवरी को होने वाली सभा के लिए कई गांवों का दौरा किया है। उन्होंने पीर कांवड़ियां, सुरेवाला, नाईवाला, कुलचंद्र, साहरनी, खाराखेड़ा, गुड़िया, तंदुरवाली, बशीर और साबुआना जैसे गांवों के किसानों से मुलाकात कर महापंचायत में शामिल होने का न्योता दिया। इस बीच, आज भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) की पंजाब इकाई के पदाधिकारी भी किसान मोर्चे पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इससे किसानों के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं। फसल की फोटो अपलोड करने वाले बयान की आलोचना
शंभू बॉर्डर पर भी किसान आंदोलन लगातार जारी है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवण सिंह पंधेर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों को निजी मंडियों की ओर धकेलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कृषि मंत्री शिवराज चौहान के बयान की आलोचना की, जिसमें फसल की फोटो ऐप पर डालने से बेहतर रेट मिलने की बात कही गई थी। पंधेर ने कहा कि किसानों की मुख्य मांग MSP गारंटी कानून है ताकि सरकार किसानों को बाजार के हवाले करने से रोके। उन्होंने आरोप लगाया कि सब्जी, फल और अन्य फसलें पहले ही निजी मंडियों में कम कीमत पर बिक रही हैं, जिससे किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं। हरियाणा से पवित्र जल यात्रा का तीसरा चरण आज हरियाणा से पवित्र जल यात्रा के तीसरे चरण में 50 से अधिक गांवों का जत्था अपने खेतों के ट्यूबवेलों से जल लेकर दातासिंहवाला-खनौरी किसान मोर्चे पर पहुंचेगा। इस जल यात्रा को किसानों की एकजुटता और संघर्ष की प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। आंदोलन में भाग ले रहे किसान नेताओं ने सरकार से अपनी मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है। वहीं, आगामी महापंचायतों में बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे आंदोलन को और गति मिलने की उम्मीद है।


