राजस्व विभाग की ओर से रबी गिरदावरी संवत 2082 के तहत किसानों को सशक्त बनाने के लिए ‘किसान गिरदावरी’ की सुविधा शुरू की गई है। अब किसान अपनी फसल का विवरण स्वयं अपने मोबाइल के माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य गिरदावरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और किसानों को गिरदावरी के लिए पटवारियों पर निर्भरता से मुक्त करना है। भू अभिलेख प्रभारी एवं दौसा एसडीएम संजू मीणा ने बताया कि किसान सरल चरणों का पालन कर अपनी फसल की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से ‘राज किसान गिरदवारी’ की अधिकृत ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन कर अपनी जमाबंदी एवं खसरा नंबर का चयन करना होगा। खेत अथवा खसरा नंबर की जानकारी के अभाव में अपनी लोकेशन देखकर ऑप्शन द्वारा अपने खसरे की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके पश्चात् खेत में खड़े होकर फसल की लाइव फोटो तथा फसल के साथ जीपीएस लोकेशन के साथ सेल्फी खींचें। इसके साथ डिटेल दर्ज कर सबमिट करनी होगी। स्वयं गिरदावरी के फायदे भू अभिलेख प्रभारी ने बताया कि स्वयं गिरदावरी से किसान अपनी फसल का सही एवं सटीक विवरण दर्ज कर सकेगा। तहसील या पटवार घर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, घर बैठे या खेत से ही काम संभव हो सकेगा जिससे समय की बचत होगी। प्राकृतिक आपदा या खराबे की स्थिति में स्वयं द्वारा की गई गिरदावरी बीमा क्लेम प्राप्त करने में सहायक होगी। फसल के प्रकार या किस्म को लेकर होने वाली गलतियों की संभावना खत्म हो जाएगी जिससे विवादों से मुक्ति मिलेगी। 5 मार्च तक कर सकेंगे स्वयं गिरदावरी भू अभिलेख प्रभारी अधिकारी संजू मीना ने बताया कि स्वयं गिरदावरी दर्ज करने की निर्धारित समय सीमा 5 मार्च तक है। समय सीमा समाप्त होने के बाद यह पोर्टल बंद हो जाएगा और केवल पटवारी ही गिरदावरी कर सकेंगे।


