कीट-व्याधि के रोकथाम के बारे में किसानों को बताया

भास्कर न्यूज | बालोद गुंडरदेही विकासखंड के साहू सदन में इंडियन पोटाश लिमिटेड एवं कृषि विभाग बालोद के संयुक्त तत्वाधान में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें आसपास के ग्रामों से 130 किसान उपस्थित हुए। कार्यक्रम में किसानों को संतुलित खाद के बारे में जानकारी प्रदान किया गया। इसके साथ ही सभी किसानों को उर्वरक निर्माता कंपनी इंडियन पोटाश लिमिटेड (आई.पी.एल.) के कार्यकलाप एवं 1955 से किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी प्रदान किया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सचिन वर्मा के द्वारा किसानों को विभिन्न प्रकार से होने वाली कीट-व्याधि, बीमारी एवं खेती में उपयोग होने वाले सिंचाई नोजल, स्प्रेयर नोजल कीट-व्याधि के रोकथाम के लिए दवाई एवं जैविक खाद के बारे में बताया। इस दौरान उपसंचालक कृषि आशीष कुमार चन्द्राकर ने बताया कि नवीनतम तकनीक का प्रयोग करते हुए ड्रोन के माध्यम से नैनो डीएपी, नैनो यूरिया का स्प्रे कर सकते हैं। कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि सूर्यनारायण ताम्रकार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पीतेश्वरी सूर्यवंशी, केवीके कृषि वैज्ञानिक डॉ. सचिन वर्मा उपस्थित थे। पौधों पर पत्तियां अच्छी संख्या में आने पर छिड़काव करें: फसल की 30-35 दिन की अवस्था होने पर 04 मिली नैनो डीएपी प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव किया जाता है, 1 एकड़ क्षेत्र हेतु 125 लीटर पानी आवश्यक है। बेहतर परिणाम हेतु पौधों पर पत्तियां अच्छी संख्या में आने पर ही पहला छिड़काव करें एवं फास्फोरस की अधिक आवश्यकता वाली फसलों में फूल निकलने के पहले या अधिकतम कल्ले शाखा बनने की अवस्था पर छिड़काव करें।

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