भोपाल की निशातपुरा पुलिस कुख्यात राजू ईरानी को प्रोडक्शन वारंट पर रविवार को सूरत से भोपाल ले आई है। यहां उसकी चार मामलों में गिरफ्तारी की गई। रविवार शाम को राजू को भोपाल की जिला कोर्ट में पेश किया है। जहां से उसे 17 जनवरी तक रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट से रिमांड मंजूर होने के बाद भी राजू हंसता हुआ नजर आया। कोर्ट रूम से निकलने के बाद राजू ने कहा कि जल्द छूट जाऊंगा। हालांकि, पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। इन चार मामलों में वह 2017 से लगातार फरार चल रहा था। पूछताछ में आरोपी स्वयं को प्रॉपर्टी डीलर बता रहा है। उसने पुलिस को बताया कि कई सालों से उसने अपराधों से दूरी बना रखी है। समाज के गलत कामों के कारण उसकी बदनामी हुई। कोर्ट रूम से हंसता हुआ निकला राजू
हालांकि, पुलिस गिरफ्त में आने के बाद भी राजू ईरानी के चेहरे पर कोई शिकन नजर नहीं आई। वह मीडिया को नसीहत भी देते दिखा। राजू ने पुलिस की मौजूदगी में धमकी भरे लहजे में कहा कि जरा संभलकर रिपोर्टिंग करो। गुमराह करने बता रहा अलग-अलग कहानियां
पुलिस का कहना है कि राजू के खिलाफ हत्या के प्रयास और आगजनी का केस बीते साल दिसंबर महीने में दर्ज किया था। इस मामले में उसकी तलाश थी। इसी के साथ बहराइच उत्तर प्रदेश में ठगी, महाराष्ट्र लूट और ठगी सहित भोपाल में ही 2017 के एक आगजनी के केस में उसकी तलाश थी। इन चारों मामलों में उसकी गिरफ्तारी कर ली गई है। राजू बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। पुलिस को गुमराह करने लगातार अलग-अलग कहानियां बता रहा है। उसने स्वयं को डेरे का सरदार होने की बात से भी इनकार कर दिया है। पत्नी बोली-फंसाने की कोशिश कर रहे
राजू ईरानी की पत्नी तुन ईरानी ने कहा कि उनकी दुश्मनी जिन लोगों से है वे उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। डेरे में अच्छे भी लोग हैं। जो बुरे लोग हैं वे उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद डेरे के लोगों से अपील करते हैं कि गलत काम छोड़ दो इसलिए लोग उनके दुश्मन बन गए। गिरफ्तारी ताे हुई है अब प्रशासन से विनती करते हैं कि उनके साथ रियायत बरती जाए। सूरत पुलिस ने किया था गिरफ्तार
भोपाल का कुख्यात अपराधी आबिद अली उर्फ राजू उर्फ ‘रहमान डकैत’ आखिरकार शुक्रवार को सूरत क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया था। भोपाल के डेरे में पुलिस की दबिश के बाद फरार हो गया था। जिसके बाद उसने सूरत में पनाह ले रखी थी। भोपाल के कुख्यात ‘ईरानी डेरा’ से पूरे देश में अपराध का नेटवर्क चलाने वाला यह गैंगस्टर 14 राज्यों में सक्रिय गिरोहों का सरगना बताया जा रहा है। सूरत के लालगेट इलाके में गुप्त ऑपरेशन के तहत उसे बिना गोली चलाए गिरफ्तार किया गया। सूरत क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी 20 साल से नकली CBI अधिकारी, साधु-बाबा के वेश में लूट, धोखाधड़ी, हिंसक वारदात और जिंदा जलाने के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा। महाराष्ट्र में उस पर MCOCA जैसे सख्त कानून के तहत भी केस दर्ज है। सूरत पुलिस को सूचना मिली थी कि भोपाल निवासी राजू ईरानी सूरत में किसी बड़ी वारदात की फिराक में आया है। इसी सूचना पर क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर उसे दबोच लिया। आरोपी 13-14 साल से भोपाल की अमन नगर कॉलोनी में रह रहा था और छह अलग-अलग गैंग ऑपरेट कर रहा था। गुर्गों को 48 घंटे में मिली जमानत
अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर पुलिस की बहुचर्चित और हाई-रिस्क कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किए गए बदमाशों का जेल में रहना महज औपचारिक साबित हुआ। जिन आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को पथराव, मारपीट और भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा वे मात्र 48 घंटे के भीतर जमानत पर रिहा हो गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जमानत के लिए कोर्ट में जिन व्यक्तियों को जमानतदार बताया गया, उनमें से दो की पहले ही मौत हो चुकी थी। महीनों की प्लानिंग के बाद रात 4 बजे दी थी दबिश
27 और 28 दिसंबर की दरमियानी रात करीब चार बजे पुलिस ने अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर दबिश दी थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां देश के विभिन्न हिस्सों में वांछित बदमाश छिपे हुए हैं। महीनों की निगरानी और रणनीति के बाद की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव और मारपीट की गई। हालात बेकाबू होने के बावजूद पुलिस ने मौके से 22 पुरुषों और 10 महिलाओं को हिरासत में लिया। कई शहरों और राज्यों में चोरी, लूट और ठगी में शामिल
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़ और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कई आरोपी पहले भी दूसरे शहरों और राज्यों में चोरी, लूट और ठगी की वारदातों में संलिप्त रह चुके हैं। लगातार दो दिन फर्जी जमानतदार पेश
5 जनवरी को 10 आरोपियों की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। जमानत के लिए जमील रहमान खान नामक व्यक्ति को जमानतदार बताया गया और उसके नाम के भूमि संबंधी दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। बाद में जांच में सामने आया कि जमील रहमान खान की दो साल पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बावजूद किसी अन्य व्यक्ति को उसी नाम से कोर्ट में पेश कर जमानत हासिल कर ली गई। इसके अगले दिन 6 जनवरी को चार और आरोपियों को भी दूसरे फर्जी जमानतदार के जरिए राहत मिल गई। इस तरह कुल 14 आरोपी जेल से बाहर आ गए। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में एक नहीं 6 ईरानी गैंग सक्रिय भोपाल के ईरानी डेरे में एक नहीं 6 से अधिक गैंग सक्रिय हैं। इस बात का खुलासा पुलिस की अब तक की जांच में हुआ है। इन सभी गैंग में कई दर्जन गुर्गे शामिल हैं। सभी गैंग अपने-अपने तरीकों में माहिर हैं। इन सभी गैंग के लीडर्स अलग-अलग हैं। इन सब लीडर्स का एक ही सरगना है राजू ईरानी, जो अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।पूरी खबर पढ़ें


