हरियाणा में कुरुक्षेत्र जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की अलग-अलग टीमों ने वीजा एजेंट के ठिकानों पर रेड की। टीम ने एजेंट के पिहोवा के मॉडल टाउन स्थित घर, गुरुद्वारा रोड और कुरुक्षेत्र रोड पर दफ्तर में देर शाम तक छानबीन की। सुबह करीब साढ़े 10 बजे ED की टीमें प्राइवेट गाड़ियों से पिहोवा पहुंचीं थी। टीम ने घर और दफ्तर को अंदर से लॉक कर डॉक्यूमेंट और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। किसी को अंदर आने की इजाजत नहीं थी, इसलिए घर के बाहर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। टीम ने रेड में किसी स्थानीय अधिकारी को अपने साथ और शामिल नहीं रखा। ना ही टीम ने किसी के साथ कोई सूचना शेयर नहीं की। एजेंट का पंजाब-हिमाचल तक फैला नेटवर्क वीजा एजेंट विशाल चावला का हरियाणा के साथ पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक नेटवर्क फैला है। इन राज्य से विशाल चावला कई लोगों को विदेश भेज चुका है। ED ने करीब 5 महीने पहले भी पिहोवा और इस्माइलाबाद के 2 एजेंट के ठिकानों पर भी रेड की थी। डंकी रूट से अमेरिका भेजने का शक एजेंट पर लोगों को डंकी रूट से अमेरिका और अन्य देशों में भेजने का शक है। इसी साल फरवरी और नवंबर में जिले के कई युवक अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे हैं। आशंका यही है कि ED अमेरिका के बदले कितनी रकम वसूली गई, उसकी जांच के लिए पहुंची है। पिछले महीने एजेंट के घर हुई चोरी बता दें कि, पिछले महीने वीजा एजेंट विशाल चावला के घर चोरी हुई थी। चोर दरवाजे से दाखिल होकर घर से करीब 5 लाख रुपए, विदेश करेंसी और ज्वेलरी चुराकर फरार हो गए थे। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। वहीं रेड के दौरान एजेंट टीम के साथ नजर आए। कुरुक्षेत्र रोड पर टीम उनको अपने साथ विशाल चावला के दफ्तर लेकर पहुंची। सरकार भी बढ़ते मामलों पर सख्त उधर, हरियाणा में डंकी रूट के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार भी अलर्ट हो गई है। सरकार ने ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए जिलों को अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) नामित कर दिया है। हालांकि सरकार ने इस मामले में 8 महीने की देरी की है। 600 से ज्यादा लोग डिपोर्ट प्रदेश में 20 जनवरी से 22 जुलाई के बीच अमेरिका से 1703 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया। इनमें हरियाणा के 604 नागरिक शामिल हैं। वहीं, हरियाणा पुलिस की वेबसाइट के अनुसार, सूबे में वर्तमान में 188 ट्रैवल एजेंट अवैध रूप में लिस्टेड हैं। 3 हजार से ज्यादा एजेंट गिरफ्तार
साल 2019 में ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ मामलों की जांच के लिए एसआईटी के गठन के बाद से सितंबर 2025 तक कुल 3455 मामले दर्ज हुए हैं। कुल 3 हजार 53 गिरफ्तारियां की गईं। इन एजेंटों से 52.06 करोड़ रुपए बरामद किए गए।


