रांची यूनिवर्सिटी प्रशासन में अब आपस में ही टकराहट शुरू हो गई है। कुलपति की फटकार के बाद मोरहाबादी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी के डायरेक्टर ने उन्हें लीगल नोटिस भेजकर चुनौती दी है। एक माह पहले कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह अचानक अधिकारियों के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी (आईएलएस) कैंपस पहुंचे। इसी कैंपस में स्थित स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन के ऑफिस में डायरेक्टर मयंक मिश्रा को बुलाया गया। -शेष पेज 13 पर हंगामा व तालाबंदी के बाद विवि सख्त लगभग एक माह पहले इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी में एक छात्र संगठन ने समस्याओं के निराकरण को लेकर तालाबंदी और हंगामा किया था। छात्रों के हंगामा के बाद वर्षों से बंद लैंग्वेज लैब का हॉल खुला था। यूनिवर्सिटी प्रशासन इस हंगामा और तालाबंदी के लिए आईएलएस डायरेक्टर को जिम्मेदार ठहराया था। आईएलएस में बीसीआई मानक की अनदेखी आईएलएस का संचालन बीसीआई के मानक के अनुसार नहीं किया जा रहा है। विवि को भेजे पत्र में आईएलएस डायरेक्टर ने इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया था। कहा था कि फैकल्टी की संख्या कम है, फैकल्टी और डायरेक्टर रेगुलर की जगह 11 महीने अनुबंध पर हैं। छात्रों से संबंधित एक्टिविटी समेत अन्य कार्यों के लिए छह माह से बजट नहीं मिला है। एलएलबी एक प्रोफेशनल कोर्स है, लेकिन इसका संचालन वोकेशनल कोर्स की तरह किया जा रहा है।


