कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई चीता गामिनी ने 18 फरवरी को तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। यह खुशखबरी दक्षिण अफ्रीकी चीतों के भारत आगमन के तीन वर्ष पूरे होने के दिन सामने आई। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि को भारत के ऐतिहासिक संरक्षण अभियान की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह ‘प्रोजेक्ट चीता’ के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 2 तस्वीरें देखिए… दूसरी बार दिया शावकों को जन्म गामिनी दूसरी बार मां बनी है। यह भारतीय धरती पर चीतों का नौवां सफल कुनबा है। इन नए शावकों के जन्म के साथ भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। अब देश में कुल चीता आबादी 38 तक पहुंच गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक नया जन्म ‘प्रोजेक्ट चीता’ को मजबूती प्रदान कर रहा है। फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की निगरानी और समर्पण से यह सपना साकार हो रहा है, जो चीता पुनरुद्धार परियोजना की सफलता के लिए अहम है। सीएम ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 38 हो गई है। सीएम ने कहा कि गामिनी ने 3 शावकों को जन्म दिया है। पार्क में चीतों के आने के बाद से नौवांं सफल प्रसव है। डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी डीएफओ आर थिरूकुरल ने बताया है कि सभी शावक स्वस्थ्य हैं। कूनों के डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। कूनो नेशनल पार्क में लगातार मिल रही सफलताएं चीता पुनर्स्थापना परियोजना की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं। यह उचित निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और समर्पित टीमवर्क से वन्यजीव संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता को भी प्रमाणित करता है। ………………. ये खबरें भी पढ़ें… 1. कूनो में चीता आशा ने दिया 5 शावकों को जन्म 2. कूनो में चीता ‘मुखी’ ने 5 शावकों को दिया जन्म


