कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने अरावली मुद्दे पर सांसद मुरारीलाल मीणा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अरावली को लेकर केन्द्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है किसी प्रकार की माइनिंग नहीं होगी। जबकि कांग्रेस ने लीज दे-देकर अरावली को खोखला कर दिया और अब आंदोलन कर रहे हैं। यहां के सांसद ने तो अरावली को खोदकर मकान बना लिया। दूसरे पर आरोप लगाने से पहले खुद की ओर देखना चाहिए। वे रविवार को दौसा डाक बंगले में पीएम के मन की बात सुनने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में अरावली जितनी बर्बाद हुई, उतनी पहले कभी नहीं हुई। हमारी सरकार में सेंचुरी और वन खूब विकसित हुए हैं, साथ ही पर्यावरण को उच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में विकास करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भी अरावली के संरक्षण को लेकर बयान दिया है। मोदी के चित्र फाडने से भागीरथ नहीं बन सकते वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा शनिवार को डाक बंगले के हॉल का ताला तोड़ने के प्रयास के सवाल पर कहा कि ग्लोबल लीडर नरेन्द्र मोदी के चित्र फाडने से वो भागीरथ नहीं बन सकते। डाक बंगले के हॉल में केन्द्र सरकार की योजनाओं के फ्लैक्स लगे हुए हैं, उन्हें फाडने के उद्देश्य से गेट को ठोकरें मारना लोकतंत्र में यह परम्परा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि डाक बंगले में 5 साल मुरारीलाल मीणा रहे हैं, हमने तो कभी ऐसी हरकत नहीं की। उनकी यह हरकत किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं की जा सकती। साथ ही दौसा विधायक को लेकर मंत्री ने कहा कि उपचुनाव में विधायक बन गए तो इसका मतलब यह नहीं कि देश के प्रधानमंत्री को अपमानित करें। चुनाव हारने के बाद नहीं दिखते कांग्रेसी, मेरा भाई सुनवाई कर रहा मंत्री ने कहा- भाजपा एक नेशनल पार्टी ही नहीं, विश्व का सबसे बडा संगठन है। मेरे बारे में लोग कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन मेरे भाई को इन चीजों से कोई लेना-देना नहीं है। यह सार्वजनिक स्थान है और चुनाव हारने के बाद भी वह जनता की सुनवाई कर रहे हैं। वो लोग (कांग्रेस) तो चुनाव हारने के बाद कहीं दिखते ही नहीं हैं। ऐसे में यदि चुनाव हारने के बाद भी सरकार का व्यक्ति जनसुनवाई कर रहा है तो सांसद मुरारीलाल मीणा और विधायक डीसी बैरवा को परहेज नहीं होना चाहिए। डाक बंगले को लेकर बोले- ईष्या भाव से किया गया कृत्य उन्होंने कहा कि अस्पताल के ट्रोमा सेंटर के उद्घाटन के वक्त मैंने भरोसा दिलाया था कि कोई काम हो तो मुझे बताएं। यहां की कोई बात थी तो मुझे बताते मैं पार्टी कार्यकर्ताओं को कहता। लेकिन ऐसा ईष्या भाव से किया गया कृत्य है, यह समाज की दूरियां बढाता है। हम चाहते हैं सामाजिक समरसता बढनी चाहिए, लेकिन दोनों नेताओं (सांसद-विधायक) ने दूरियां बढाने का काम किया है। इसकी निंदा करता हूं और चेतावनी देता हूं कि आगे से ऐसा कृत्य किया तो नहले का जवाब दहले से दिया जाएगा। सचिन पायलट के बेटे को लेकर यह बोले कृषि मंत्री वहीं अरावली मुद्दे पर पिछले दिनों जयपुर में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बेटे के शामिल होने के सवाल पर कहा कि इसे प्रोजेक्ट करना नहीं कहा जाता। यदि मैं मेरी भतीजे को साथ लेकर आउं, वो अपने बेटे को लेकर आए तो प्रोजेक्ट करना नहीं कहा जा सकता। फिर यदि उनका ऐसा मन्तव्य है तो लोकतंत्र में बुराई वाल बात भी नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिराजी को साथ लेकर घूमते थे तो पीएम बन गई। इंदिराजी राजीव और संजय गांधी को प्राथमिकता देती थी तो पायलट भी राजनैतिक माहौल बताने के लिए बेटे को लेकर आए होंगे। मैं राजेश पायलट के सामने चुनाव लडा तो उस वक्त सचिन पायलट भी चुनाव में आए थे। इसमें कोई बुरी बात नहीं है। विदेशों में भारत का अपमान कर रहे राहुल गांधी कृषि मंत्री ने कांग्रेस के स्थापना दिवस के सवाल पर कहा कि देश में कांग्रेस ने काफी लंबे समय तक राज किया है, लेकिन भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी तो जनता ने नकार दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विदेशों में जाकर देश विरोध बयान देकर राष्ट्र का अपमान कर रहे हैं। इससे साफ है कि कांग्रेस का नेतृत्व अनुभवहीन और दिशाहीन है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। बीते दो साल में भजनलाल सरकार ने बेहतरीन काम किए हैं। ईआरसीपी के तहत नवनेरा बांध बनकर तैयार हो गया है और पाइप लाइन भी डल चुकी है। कई कार्यों के नए टेंडर भी हुए हैं। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। कृषि मंत्री ने गणेशपुरा में जांगिड समाज के कार्यक्रम में भी शिरकत की।


