दिल्ली के कृषि भवन में 18 दिसंबर को महात्मा गांधी नरेगा पर विचार-विमर्श सत्र में प्रदेश से एक पंचायत का चयन किया गया है। यह पंचायत बैतूल जिले की हरन्या है, जिसके सरपंच सचिन साहू को इस सत्र में शामिल होने का इनविटेशन मिला है। जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन ने इस संबंध में जनपद आमला के मनरेगा उप यंत्री को जिम्मेदारी सौंपी है। आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने इसे उनकी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार में सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में पंचायत क्षेत्रों में कई नवाचारी विकास और निर्माण कार्य हो रहे है। हरन्या पंचायत में भी जिला पंचायत की ओर से कई इनोवेटिव कार्य किए गए है। यहां पंचायत भी बेहतर काम कर रही है। इसके पहले भी यहां सहभागी ग्रामीण आंकलन की अवधारणा और प्रमुख विधियों के उपयोग पर जबलपुर में आयोजित प्रशिक्षण में जिले के एकमात्र सरपंच सचिन साहू का चयन किया गया था। सचिन साहू की तीन पीढ़ियां इस पंचायत से सरपंच रही है इस पंचायत में सड़क से लेकर आजीविका स्व सहायता समूह के हित में कई काम हुए है। पंचायत ने गार्बेज और जल संरक्षण की दिशा में भी बेहतर काम किया है। सरपंच सचिन साहू की तीन पीढ़ियां इस पंचायत से सरपंच रही है। उनके दादा परमानंद साहू, दादी दुर्गा बाई, पिता दिनेश साहू भी इस पंचायत के सरपंच रहे है।


