भास्कर न्यूज | जशपुरनगर प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, जशपुर में 31 दिसंबर को प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विकासखंड फरसाबहार की कृषि सखी एवं पशु सखियों ने सक्रिय सहभागिता की। बैठक का उद्देश्य योजना की जानकारी साझा करना और जमीनी स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ करना रहा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना एक व्यापक और महत्वाकांक्षी कृषि कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना, सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना और किसानों की आजीविका में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि यह योजना कृषि को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य जैसे संबद्ध क्षेत्रों से जोड़ते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करने पर केंद्रित है। उन्होंने जानकारी दी कि योजना के तहत फसल कटाई के बाद भंडारण व्यवस्था को मजबूत करना, बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना, किसानों को आसान ऋण सुविधा प्रदान करना और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करना प्रमुख लक्ष्य हैं। इन प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना देश के उन 100 जिलों पर केंद्रित है, जहां कृषि उत्पादन अपेक्षाकृत कम है, किसानों को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती है अथवा जहां अभी भी पारंपरिक कृषि तकनीकों का अधिक उपयोग किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और उन्हें बाजार से सीधे जोड़ना है। प्रशिक्षण सत्र के बाद उपस्थित कृषकों और सखियों को कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्होंने मशरूम बीज उत्पादन इकाई, प्रक्षेत्र में संचालित बीज उत्पादन कार्य, पशुपालन इकाई तथा मातृ वाटिका का अवलोकन कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रतिभागियों ने इन नवाचारों को अपने-अपने क्षेत्रों में अपनाने की इच्छा भी जताई।


