भास्कर न्यूज | प्रतापपुर मंदिरों की नगरी के नाम से विख्यात प्रतापपुर इन दिनों भक्ति और अध्यात्म के रंग में सराबोर है। नगर में आयोजित सार्वजनिक श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव और वामन अवतार की कथा का आयोजन किया गया। इस दौरान सजीव झांकियों और भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा के प्रथम दिन नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने कलश धारण कर नगर भ्रमण किया। राधे-राधे के जयकारों और पुष्पवर्षा के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दूसरे और तीसरे दिन वृंदावन से पधारे आचार्य सदानंद महाराज ने भक्त प्रह्लाद और ध्रुव चरित्र के माध्यम से धर्म और करुणा का मार्ग बताया। चतुर्थ दिवस पर जैसे ही कंस के कारागार में देवकी के आठवें पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण के जन्म का दृश्य मंचन हुआ, पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया और बधाई गीत गाए। इस अवसर पर मुख्य यजमान छोटेलाल जायसवाल और कौशल्या जायसवाल ने विधि-विधान से पूजन संपन्न किया। धार्मिक आयोजन में पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा, व्यापारी संघ अध्यक्ष राजेश गुप्ता सहित अंबिका जायसवाल, राजेश जायसवाल और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने आगामी प्रसंगों के लिए भी नगरवासियों को आमंत्रित किया है। यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का केंद्र बना हुआ है।


