केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कोल इंडिया के निजीकरण करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। अपने दो दिवसीय धनबाद दौरे के बाद रांची लौटने के दौरान कोयला मंत्री ने हवाईअड्डा पर पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि संगठित रूप से कोयला चोरी में शामिल माफियाओं के खिलाफ हमारी सरकार एक्शन प्लान के साथ जल्द कार्रवाई करेगी। कोयला चोरी बर्दाश्त नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर कोयला चोरी में शामिल लोगों को सरकार वैकल्पिक रूप से रोजगार मुहैया कराएगी। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल, एमसीएल और एसईसीएल के स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग की जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह पहले ही हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश में कोयले की कमी नहीं है। पावर सेक्टर के पास कोयले का पर्याप्त भंडार है। पुनर्वास : 4 हजार परिवार बसाए गए कोयला मंत्री ने कहा कि भू-धंसान व अग्नि प्रभावित क्षेत्र में रह रहे परिवारों के पुनर्वास को लेकर सरकार गंभीर है। प्रभावितों को बेलगड़िया आैर करमाटांड़ में बसाया जा रहा है। यहां रोजगार के साथ सभी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अब तक चार हजार परिवारों का वहां पुनर्वास किया जा चुका है। पीएम मोदी के निर्देश पर पुनर्वास की समीक्षा करने के लिए मैं यहां आया हूं। उसके पूर्व कोयला मंत्री ने बीसीसीएल एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। केंद्र व राज्य सरकार के समन्वय से कोल माइंस की समस्याओं का समाधान संभव : मुख्यमंत्री रांची. कोयला मंत्री ने रांची में सीएम हेमंत सोरेन से भेंट की। इस दौरान राज्य में कोल माइंस से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने झरिया मास्टर प्लान, बेलगड़िया टाउनशिप परियोजना, लैंड कंपनसेशन, खनन कार्य पूर्ण हो चुकी भूमि की वापसी, सेस का रिव्यू, नई कोल खनन परियोजनाओं का संचालन आदि मुद्दे पर राज्य सरकार का पक्ष रखा। वहीं केंद्रीय मंत्री ने कोल खनन में आ रही समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से ही कोल माइंस से जुड़े समस्याओं का समाधान संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झरिया मास्टर प्लान तथा बेलगड़िया टाउनशिप परियोजना एक महत्वपूर्ण पहल है। इन परियोजनाओं के तहत विस्थापित परिवारों को सुरक्षित जीवन प्रदान किया जा सकेगा।


