केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026–27 में सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार के इन कदमों को भारत को वैश्विक डिजिटल हब बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। IT एक्सपर्ट राजेश गौतम के अनुसार- यह बजट भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए दूरदर्शी और संतुलित है। इसमें न सिर्फ निवेश को बढ़ावा दिया गया है, बल्कि टैक्स नियमों को सरल बनाकर IT कंपनियों को स्थिरता और भरोसा भी दिया गया है। बजट 2026 में IT व टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रमुख ऐलान… डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं को टैक्स राहत सरकार ने भारत में स्थापित डेटा सेंटरों के माध्यम से वैश्विक क्लाउड सेवाएं देने वाली कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट देने का प्रावधान किया है। इससे भारत में बड़े स्तर पर क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश आने की उम्मीद है। IT कंपनियों के लिए आसान टैक्स नियम IT सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सीमा 300 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपए कर दी गई है। इससे मध्यम और बड़ी IT कंपनियों को टैक्स विवादों से राहत मिलेगी और अनुपालन आसान होगा। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 बजट में India Semiconductor Mission 2.0 की घोषणा की गई, जिसके तहत चिप निर्माण, डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। AI और डिजिटल इनोवेशन पर जोर कृषि, शिक्षा और प्रशासन में AI के उपयोग को बढ़ाने के लिए नए डिजिटल टूल्स और प्लेटफॉर्म्स की घोषणा की गई है, जिससे तकनीक का लाभ आम नागरिक तक पहुंचे। IT विशेषज्ञ की राय राजेश गौतम ने कहा, “बजट 2026 टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए स्थायित्व, निवेश और नवाचार का मजबूत आधार तैयार करता है। डेटा सेंटर, AI और सेमीकंडक्टर पर फोकस आने वाले वर्षों में रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देगा।”
निष्कर्ष बजट 2026–27 में IT और टेक्नोलॉजी सेक्टर को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए दीर्घकालिक रणनीति अपनाई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता दोनों मजबूत होंगी। आगे पढ़ें जयपुर की अन्य खबरें…


