पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, झारखंड चैप्टर के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एसपी. अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती की दिशा में संतुलित और भविष्य उन्मुख बजट माना जा रहा है। सरकार द्वारा लगभग ₹53.5 लाख करोड़ के कुल व्यय और राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है। बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और पूंजीगत निवेश पर जोर से रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मध्यम वर्ग के लिए कर स्लैब में स्थिरता राहत देने वाली है, जबकि अप्रत्यक्ष कल्याण उपाय समावेशी विकास को प्रोत्साहित करेंगे। कुल मिलाकर यह बजट स्थिरता और विकास के बीच संतुलन स्थापित करता है।


