केंद्रीय मंत्री खट्‌टर के सामने स्वीकारा:कैलाश बोले- जनता को लुभाने में बिगड़ रही है राज्यों की माली हालत

चुनावी लोकलुभावन घोषणाओं का बोझ अब राज्यों की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। इसे पहली बार मध्य प्रदेश के किसी वरिष्ठ मंत्री ने खुले मंच से स्वीकार किया है। भोपाल में शनिवार को शहरी विकास पर आयोजित क्षेत्रीय बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राजनीतिक मजबूरियों में की गई घोषणाओं ने राज्यों की माली हालत कमजोर कर दी है। विजयवर्गीय ने कहा कि अब शहरी योजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की मदद जरूरी हो गई है। बैअमृत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाएं बजट की कमी के कारण कई बार रुक जाती हैं। उन्होंने दोहराया कि राजनीतिक प्रतिबद्धताओं की वजह से राज्यों की वित्तीय स्थिति बिगड़ चुकी है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद थे। मंच पर बैठे छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री को देखकर विजयवर्गीय ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘अरुण (साव) जी भी मुस्कुरा रहे हैं। सभी राज्य मेरी बात से सहमत होंगे।’ विजयवर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 5 राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। इसमें यूपी के मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, राजस्थान के मंत्री झाबर सिंह खर्रा व यूपी के राकेश राठौर भी थे। मप्र का कर्ज 4.65 लाख करोड़, जो इस साल के बजट से ज्यादा, 22 हजार करोड़ लाड़ली के लिए चाहिए कुल बजट : 4.21 लाख करोड़ 3 योजना: 28 हजार करोड़ खर्च बड़ी मजबूरी यह भी… बड़े कमिटमेंट से केंद्र पर निर्भरता बढ़ी… विजयवर्गीय ने बताया कि वे 2013-14 में भी नगरीय प्रशासन मंत्री रहे हैं। तब भी मदद के लिए केंद्र की ओर उम्मीद से देखा जाता था। अब बड़ी योजनाएं और बड़ा बजट आ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनें, लेकिन राजनीतिक मजबूरी के कारण बड़े कमिटमेंट किए गए हैं। इसी वजह से दोबारा केंद्र की मदद पर निर्भर होना पड़ रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *