भास्कर संवाददाता | सीकर पिपराली में श्री श्याम गोशाला समिति परिसर में शनिवार को महर्षि दयानंद सरस्वती द्विजन्म शताब्दी समारोह शुरू हुआ। इस दौरान केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने गोशाला में गायों को गुड़ खिलाया। साथ ही गोमाता को हिन्दू धर्म की सबसे बड़ी आस्था की कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा इसलिए मिला है कि हम गायों की पूजा करते हैं। इससे पहले यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, साध्वी पुष्पा शास्त्री, पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती सहित अन्य संतों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके बाद 11 कुंडीय यज्ञ हुआ। इसमें 33 जोड़े यज्ञमान के रूप में बैठे। यज्ञ के साथ ही श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। कथाकार एवं संगीतज्ञ कुलदीप आर्य बिजनौर-उतर प्रदेश के नेतृत्व में रामकथा शुरू हुई। वेद सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष आचार्य सुरेन्द्र कुमार व आचार्य पुष्पा शास्त्री के व्याख्यान हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीकर के पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने की। कार्यक्रम मंे ये रहे मौजूद : कार्यक्रम में धोद विधायक गोरधन वर्मा, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल सिखवाल, प्रधान प्रतिनिधि प्रभुसिंह गोगावास, पिपराली प्रधान मनभरी देवी, पिपराली सरपंच संतोष मूंड, पलासरा सरपंच प्रतिनिधि महेन्द्र नारनोलिया, कल्याणपुरा सरपंच पवन साईं, अशोक चौधरी, भाजपा नेता दिनेश जोशी व मधुसूदन भिंडा सहित अनेक लोग उपस्थित थे। इधर, कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 22 दिसंबर को पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया भी आएंगे। कन्या गुरुकुल शिवगंज (पाली) की छात्राओं ने वेद पाठ किया। इससे पहले सुबह गोशाला में आचार्य सूर्या चतुर्वेदा के सानिध्य में गोपुष्टि महायज्ञ हुआ। इस दौरान यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। साध्वी पुष्पा शास्त्री ने कहा कि सब सुखों की खान पूज्य गोमाता है। गाय के दूध-दही में अमृत है। उन्होंने कथा के माध्यम से 16 प्रकार के संस्कारों पर प्रकाश डाला जाएगा। सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली विभिन्न भ्रांतियों एवं कुरीतियों को खत्म करना है।


