केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान छोटी खाटू पहुंचे:आचार्य महाश्रमण से आशीर्वाद लिया, स्कूल भवन का शिलान्यास किया

डीडवाना-कुचामन जिले के दौरे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मंगलवार को छोटी खाटू पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जैन श्वेतांबर तेरापंथ के 11वें आचार्य महाश्रमण से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। भेंट के अवसर पर आचार्य महाश्रमण ने समाज को सत्य, संयम और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जैन परंपरा से प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक विद्यार्थी के रूप में जैन धर्म को पढ़ा और समझा है, जिसमें सनातन संस्कृति का सुंदर समावेश देखने को मिलता है। प्रधान ने कहा कि जैन परंपरा हमारी सनातन और जैन समाज की साझा सभ्यता का सशक्त स्तंभ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए बताया कि जैन धर्म भारत की नैतिक चेतना का अभिन्न अंग है, जो अहिंसा, सत्य, संतुलन और नैतिक आचरण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने आध्यात्मिक चेतना की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जो आचार्य महाश्रमण जैसे संतों के सान्निध्य से प्राप्त होती है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मोदी सरकार ने प्राकृत भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है, क्योंकि प्राकृत भाषाओं और ग्रंथों ने जीवन मूल्यों की दिशा दिखाई है। उन्होंने यह भी कहा कि जैन परंपरा और साहित्य को नई शिक्षा नीति में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके लिए वे लाडनूं स्थित जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। इस अवसर पर आचार्य महाश्रमण ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के शारीरिक, बौद्धिक, मानसिक और भावनात्मक विकास पर जोर देते हुए कहा कि आईक्यू के साथ-साथ ईक्यू यानी भावनात्मक कौशल भी आवश्यक है। शिक्षा में ज्ञान के साथ बुद्धि का सदुपयोग, नैतिकता, संस्कार, आध्यात्मिकता और व्यवहार की शिक्षा भी जरूरी है। छोटी खाटू में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने लगभग 4.50 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के नवीन भवन का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की कि स्कूल का नाम आचार्य महाश्रमण के नाम पर रखा जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृभाषा में शिक्षा से विद्यार्थियों की समझ और आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में राजस्थानी भाषा का अध्ययन भी शुरू किया जाना चाहिए। साथ ही युवाओं को विद्यार्थी जीवन से ही स्किल डेवलपमेंट से जोड़ने पर बल दिया। इस अवसर पर किसान आयोग अध्यक्ष सी. आर. चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता माहेश्वरी, भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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