केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर परिसर के एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय कठपुतली बनाने की कार्यशाला का आयोजन जयपुर परिसर में किया गया है। आइटेप कार्यक्रम के समन्वयक डॉ कैलाश चंद्र सैनी ने बताया कि कार्यशाला में 82 स्टूडेंट्स पेपर मेशी से कठपुतलियों के चेहरे एवं हाव भाव आदि बनाना तथा बंधेज के कपड़ों से उनके पोशाक व आभूषण आदि बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। स्टूडेंट्स पूरे उत्साह से इस रोचक कौशल को सीख रहे हैं । 3 दिन में इन कठपुतलियां को बनाकर उनके मंचन का प्रशिक्षण भी स्टूडेंट्स प्राप्त करेंगे और 9 जनवरी को इसकी प्रस्तुति की जाएगी। परिसर मीडिया प्रभारी डॉ रानी दाधीच ने बताया कि जयपुर एवं नागौर जिले के दक्ष प्रशिक्षित परंपरागत कलाकार ऋतिक पटेल व ओंकार पटेल स्टूडेंट्स को प्रशिक्षण दे रहे हैं जिन्होंने अपने प्रशिक्षण कौशल से भारत ही नहीं भारत के बाहर भी कठपुतली प्रशिक्षण की कार्यशालाओं द्वारा राजस्थान की संस्कृति को देश-विदेश में प्रचारित एवं प्रसारित करके राज्य का गौरव वर्धन किया है।


