स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गुरुवार को दिल्ली स्थित निर्माण भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई मजबूत मांगे रखी। बैठक के दौरान उन्होंने झारखंड में मेडिको सिटी की मांग को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिदिन हजारों मरीज आते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण उन्हें अक्सर दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं को समर्पित एक संपूर्ण मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (मेडिको सिटी) राज्य के लिए आवश्यक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को डॉ. इरफान अंसारी ने एनएमसी नॉर्म्स का हवाला देते हुए बताया कि झारखंड जैसे राज्य में जनसंख्या अनुपात के हिसाब से कम से कम 39 मेडिकल कॉलेज होने चाहिए, जबकि वर्तमान में केवल 9 ही हैं। उन्होंने 6 नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी की मांग करते हुए कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति अनिवार्य है। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने संथाल परगना में एम्स स्थापना पर केंद्र सरकार का आभार जताते हुए राजधानी रांची में भी एम्स की स्थापना की मांग की। जेपी नड्डा ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए विभाग को झारखंड को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में पूरा सहयोग मिले, इसका ध्यान रखने को कहा। साथ ही मेडिको सिटी के लिए आर्थिक सहयोग और रांची में एम्स को लेकर जल्द ही सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। आयुष्मान योजना के लंबित पड़े भुगतान का होगा शीघ्र निष्पादन इधर, बैठक के दौरान डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में 213 इंपैनल्ड अस्पतालों के आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतान पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने संबंधित विभाग को शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने जेपी नड्डा को रिनपास के शताब्दी समारोह में शामिल होने का न्योता भी दिया। इसके अलावा राज्य में नकली दवाओं की बढ़ती समस्या को देखते हुए जेपी नड्डा ने दो मेडिसिन टेस्टिंग लैब्स देने की भी स्वीकृति दी।


