भास्कर न्यूज | जामताड़ा भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) की बैठक रविवार को जामताड़ा में हुई। बैठक की अध्यक्षता गोमस्त बास्की ने की। राज्य संयोजक मोहन मंडल पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। पूर्व डीवाईएफआई सदस्य महेंद्र रावत ने संगठन के संविधान पर विस्तार से जानकारी दी। राज्य संयोजक मोहन मंडल ने कहा कि जामताड़ा में युवाओं को पढ़ाई के लिए सही केंद्र नहीं मिल पा रहा है। कॉलेज केवल नाम मात्र के लिए स्थापित किए गए हैं। बीएड की पढ़ाई जल्द आरंभ करने की मांग की। बंद पड़ी फैक्ट्रियों को चालू कर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई। चौकीदार बहाली में हो रही मनमानी पर भी रोक लगाने की मांग की गई।उन्होंने कहा कि जामताड़ा के युवा आज कई समस्याओं से जूझ रहा है। रोजगार का संकट, पलायन, सरकारी रिक्तियों में बहाली नहीं होना, प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और नियुक्तियों के बाद मामलों का कोर्ट में लंबित होना स्थिति को और गंभीर बना रहा है। झारखंड में बेरोजगारी दर पहले 10 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 59 प्रतिशत हो गई है। यह बेरोजगारी की भयावह स्थिति को दिखाता है। कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार और राज्य में हेमंत सरकार दोनों ने युवाओं को ठगा है। इससे हालात और खराब हुए हैं। बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारों की कतार में खड़े हैं। ऐसे में युवाओं को संगठित होना जरूरी है। डीवाईएफआई के पांच हजार सदस्य बनाए जाने का लक्ष्य : बैठक में जामताड़ा, करमाटांड़, नारायणपुर समेत कई प्रखंडों से युवा शामिल हुए। बैठक में पुरानी जिला कमिटी को भंग कर नई कमिटी बनाई गई। गोमस्त बास्की को जिला संयोजक चुना गया। प्रणय पर्णिकर, सद्दाम आलम और लोगोमुनि टुडू को सह संयोजक बनाया गया। बैठक में तय किया गया कि अगले तीन महीने में डीवाईएफआई के पांच हजार सदस्य बनाए जाएंगे। दस प्राथमिक इकाइयों का गठन होगा। संगठन का स्वतंत्र जिला केंद्र बनेगा। युवाओं के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। जिला स्तर पर युवाओं के मुद्दों को लेकर उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में लतिका मरांडी, एजाज हुसैन शाह, सरफराज आलम, राकेश बावड़ी, वसीम अंसारी, दीपक हेम्ब्रम, संतोष सोरेन, नेपाल हेंब्रम, विक्रम बावड़ी, दीपा हेंब्रम समेत दर्जनों युवा मौजूद थे।


