भास्कर न्यूज|गुमला डीएसपी रोड स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह स्मृति भवन में सेवानिवृत शिक्षक विजय बहादुर सिंह की अध्यक्षता में केंद्र सरकार द्वारा घोषित काला कानून विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विरोध में गुमला सवर्ण समाज की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार के द्वारा यूजीसी कानून को एक पक्षीय आधार पर लागू करने के विरोध में सवर्णों के आने वाली पीढ़ियों के हितों को नजरअंदाज किए जाने का पुरजोर विरोध किया गया। बैठक में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 से 17 में दिए गए प्रावधान का उल्लंघन बताया गया। विदित हो कि सीजेई सूर्यकांत जी के द्वारा उक्त कानून पर रोक लगाकर देश भर में उत्पन्न आक्रोश और संभावित सामाजिक टकराव पर विराम लगा दिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए स्वर्ण समाज के संरक्षक विजय बहादुर सिंह ने कहा देश मे आजादी के बाद किसी सरकार ने स्वर्णों के साथ न्याय नहीं किया, जाति को आगे रखकर आरक्षण नीति-कानून का विस्तार होते चला गया। जब कि आरक्षण की सीमा 10 साल ही थी, आर्थिक दृष्टिकोण को सामने न रखकर जातिवाद को बढ़ावा दिया गया। फिर भी स्वर्ण समाज सदैव राष्ट्र नीति का पालन कर समाज मे अग्रणी रहा है। केंद्र सरकार यूजीसी जैसे काला कानून लाकर शिक्षा का मंदिर शैक्षणिक संस्थान में जातिगत आधार पर भेदभाव लाकर स्वर्णों के साथ अन्याय किया है। इसकी घोर निंदा स्वर्ण समाज के लोग करते हैं। सर्वसम्मति से माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा काला कानून पर स्टे लगाने से खुशी जताकर आभार व्यक्त किया गया। 1 फरवरी के राष्ट्रवयापी आंदोलन का समर्थन किया गया व स्वर्ण समाज द्वारा विरोध स्वरूप महामहिम राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। मौके पर सेवानिवृत न्यायधीश ब्राह्मण समाज के लक्ष्मीकांत शर्मा, उत्कल ब्राह्मण के जिला अध्यक्ष महावीर, क्षत्रिय समाज जिला अध्यक्ष सुरेश सिंह, ब्रम्हर्षि समाज के जिला अध्यक्ष रामसागर सिंह,कायस्थ समाज के पप्पू प्रसाद, द्वारकानाथ मिश्रा,प्रो बीएन पांडे,सुदर्शन शर्मा, सच्चिदानंद शर्मा,सुनील कुमार सिंह,शम्भु सिंह,विपिन बिहारी सिंह, सुनील कुमार जगदीश सिंह, मदन सिंह, जगनारायण सिंह, मनमोहन सिंह, सुशील कुमार पांडा, प्रकाश कुमार सिंह, मनीष कुमार सिंह, जितवाहन सिंह, बीके पांडा संतोष कुमार मिश्रा, योगेंद्र सिंह लोग उपस्थित थे। बैठक का संचालन शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज के अरविंद मिश्रा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन जगनारायण सिंह ने किया।


