आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की राजनीतिक पार्टियों का नाम लिए बिना उन पर हमला बोला। चंडीगढ़ में उद्योगपतियों के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार से पहले पंजाब में वसूली का सिस्टम चलता था। लोगों से गलत तरीके से पैसे वसूले जाते थे। लेकिन हमने तीन साल में बहुत बदलाव किया है। उन्होंने कहा- आज पहली बार सरकार अपने अधिकार छोड़कर उद्योगपतियों को दे रही है। नई इंडस्ट्री पॉलिसी बनाने के लिए 24 कमेटियां बनाई गई हैं। अब यह कमेटियां तय करेंगी कि आगे पंजाब में किस तरह निवेश लाना है। हालांकि उन्होंने कहा कि अपने सुझावों में सब्सिडी पर फोकस न करें। वहीं, सीएम भगवंत मान ने कहा कि हमारी सरकार ने सालों पुराने नियम बदले हैं। उन्होंने उद्योगपतियों काे कहा कि आप पंजाब में निवेश करे। सरकार आपको हर तरह की सुविधा देगी। केजरीवाल की स्पीच को चार मुख्य प्वाइंट इस प्रकार हैं – पंजाब में लोग तरक्की करने से डरते थे केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों के समय को हम 3 हिस्सों में बांट सकते हैं। हमारी सरकार 2022 में पंजाब में बनी थी। पहले वसूली सिस्टम था। लोगों को तरक्की करने से डर लगता था, क्योंकि हिस्सेदारी मांगने वाले लोग आ जाते थे। उस समय की कहानियां आती थीं कि किसी फैक्ट्री के सामने वसूली के लिए अपना आदमी बैठा दिया जाता था। चंदा नहीं देने पर कई फ्लाईओवर तक रोक दिए जाते थे। नतीजतन पंजाब से कंपनियां चली गईं और राज्य पहले नंबर से 18वें नंबर पर आ गया। हम प्रोजेक्ट रोकर पार्टी फंड नहीं जुटाते वसूली सिस्टम को 4 दिन में खत्म करना संभव नहीं था। हमने 3 साल से इसे दुरुस्त करने में मेहनत की है। इस दौरान क्रांतिकारी फैसले लिए हैं। अब कोई इंडस्ट्री पंजाब में आती है, तो 45 दिन में उसे “डीम्ड परमिशन” मिल जाएगी। पहले कहा जाता था कि काम रोक दो, पार्टी फंड मिलेगा। लेकिन हम पार्टी फंड इकट्ठा नहीं करते। आपने हमें मौका दिया। हमारी औकात क्या थी- मैं इनकम टैक्स का अधिकारी था, मान साहब कलाकार थे, अरोड़ा बिजनेसमैन हैं। आपने हम पर भरोसा किया, और हमें मौका दिया। आपका प्यार बना रहना चाहिए, क्योंकि हमें पंजाब की तरक्की चाहिए। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी ला रहे हैं
अब पंजाब में यदि किसी एमएसएमई का टर्नओवर सवा करोड़ से कम है, तो उसे कोई अप्रूवल नहीं लेनी होगी। यह असल में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” पॉलिसी है। पहले 3 साल में हम पॉलिसी बना रहे थे। सबसे पहले वसूली सिस्टम खत्म किया, फिर इंडस्ट्री-फ्रेंडली सिस्टम लाए, और अब क्रांतिकारी सिस्टम शुरू हो रहा है। आपने हमें सत्ता दी थी, अब आप आदेश दें, हम आपके निर्णयों का पालन करेंगे। नेताओं और अफसरों को इंडस्ट्री चलाने नहीं आती हमें टैक्सटाइल या साइकिल बनाना नहीं आता, अफसरों को भी यह नहीं पता। लेकिन निर्णय नेताओं को लेना होता है। पहले छोटा सा फैसला लेने के लिए भी इंडस्ट्री को धक्के खाने पड़ते थे। अब जो कमेटियां हमने बनाई हैं, वे 99% फैसले यहीं लेंगी। अब हमें पंजाब के हवाई जहाज को टेक-ऑफ कराना है। यह 24 कमेटियां ऐसे ही नहीं बनाई गई हैं, बल्कि आपके हाथ में बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए बनाई गई हैं। हम चाहते हैं कि आप एक व्यापक (कॉम्प्रिहेंसिव) पॉलिसी बनाएं। पॉलिसी में सब्सिडी की मांग न करे सभी पॉलिसी में सब्सिडी की मांग न करें। इन पॉलिसी को आपने लागू करवाना है। हम चाहते हैं कि आप सभी राज्यों की पॉलिसी का अध्ययन करें, इंटरनेशनल स्तर पर भी रिसर्च करें, ताकि पंजाब एक बेहतर स्थान बने। यह गवर्नेंस का एक अलग मॉडल है, सरकार अपने अधिकार आपको सौंप रही है।


